मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी

‘Nari Shakti Vandan’ festival in Madhya Pradesh from today, information will be given about women’s reservation law राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करना है। इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन से होगी। इसके अलावा सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। पदयात्रा आयोजित होगीमहिला एवं बाल विकास विभाग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” आयोजित करेगा। इसमें समाज की महिलाएं शामिल होंगी। युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” बनाई जाएगी, जहां वे पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे। अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभा14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इनमें अधिनियम पर चर्चा होगी और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पंचायतों, नगरीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां और सेमिनार होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियानजनसंपर्क विभाग इस अभियान का प्रचार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा। प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना की महिलाओं को अभियान में जोड़ा जाएगा। शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रमस्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण को बेहतर तरीके से समझ सके। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इस पखवाड़े को जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। MP SAMWADmpsamwad.in

नगर पालिका में चली कुर्सी, भाजपा और कांग्रेस पार्षद में तीखी बहस, आगबबूला हुए जनप्रतिनिधि

A heated debate erupts between BJP and Congress councillors in the municipal council, leaving public representatives furious. टीकमगढ़ ! शुक्रवार को टीकमगढ़ नगरपालिका में बजट बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हो गया. बैठक के दौरान भाजपा पार्षद ने उनके वार्ड में रूके कार्य को लेकर आपत्ति जताई, जिसको लेकर भाजपा पार्षद अजय यादव और कांग्रेस पार्षद अरविंद आमने-सामने आ गए. दोनों में देखते-देखते तीखी बहस शुरू हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंक दी. भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंकी कांग्रेस पार्षद और भाजपा पार्षद में बहस इतनी बढ़ गई कि भाजपा पार्षद ने गुस्से में आकर सभाकक्ष में रखी कुर्सी उठाकर फेंक दी, उपस्थित महिला और पुरुष सभी पार्षद यह सब देखकर दंग रह गए और मीटिंग में हड़कंप मच गया. हालांकि, वहां उपस्थित पार्षदों ने समझा बुझाकर मामले को शांत करने की कोशिश की. नगरपालिका में हंगामे के बीच बजट टीकमगढ़ नगरपालिका ने वित्तीय वर्ष के लिए 2 अरब 50 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया. सीएमओ द्वारा ये बजट पेश किया गया. इस दौरान जमकर हंगामा होता रहा लेकिन सर्वसम्मति से बजट पेश किय गया. शोर-शराबे के बीच नगरपालिका का वार्षिक बजट पेश किया गया. भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार : अजय यादव नाली और सड़क निर्माण के टेंडर बजट में शामिल नहीं होने से वार्ड नंबर 18 से पार्षद अजय यादव उर्फ अज्जू गाढ़े का गुस्सा सातवें आसमान पर था. अज्जू गाढ़े ने नगरपालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा, ” जिन कार्यों में इनको कमीशन मिलता है तो इनको भ्रष्टाचार नहीं दिखता और जिनमें इनको कमीशन ने मिले तो भ्रष्टाचार दिखाई देता है. अध्यक्ष को केवल अपने क्रेसर की डस्ट और गिट्टी बेचने से मतलब है. उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार.” मुझे भी है 5000 लोगों का नशा वहीं, कुर्सी फेंकने पर भाजपा पार्षद ने कहा, ” कुर्सी उठाना केवल मेरा गुस्सा नहीं बल्कि उन 5000 लोगों का गुस्सा है जो वार्ड में निवासरत हैं. उनकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. यदि मेरे वार्ड का विकास नहीं होगा तो गुस्सा आना लाजमी है. वहीं, बैठक में कुर्सी फेंकने की घटना पर नगरपालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने कहा, ” ये अनुशासनहीनता है, नोटिस जारी किया जाएगा. MP SAMWADmpsamwad.in

अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग पर उमंग सिंघार का बड़ा बयान

Umang Singhar’s big statement on the demand for a separate tribal religion code भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देशभर के आदिवासी समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उमंग सिंघार ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अभी बड़ी संख्या में अपने अलग धर्म कोड की मांग के लिए आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में उनकी पहचान किसी अन्य धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। इससे आदिवासी समाज की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में धर्म कोड की मांग के समर्थन में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि आदिवासी समाज की अलग पहचान और सांस्कृतिक विरासत को उचित मान्यता मिल सके। सिंघार ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता और अस्तित्व से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी को एकजुट होकर इस मांग को मजबूत बनाना होगा, ताकि देश में आदिवासी धर्म और संस्कृति को अलग पहचान मिल सके। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली। एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया।कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल में सम्पन्न हुआ धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन

Dhaulpura Provincial Youth-Girl Introduction and Love Conference held in Bhopal विशेष संवाददाता राम मेहराभोपाल। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन आज रविवार को भोपाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। यह कार्यक्रम रीगल ग्राउंड, सिविक सेंटर, अवधपुरी पिपलानी में प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, युवक–युवतियां और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के युवक–युवतियों को एक सकारात्मक और संस्कारित मंच प्रदान करना, पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान युवक–युवतियों का सुव्यवस्थित परिचय कराया गया, जिससे समाज के लोगों को आपसी संवाद और वैवाहिक संबंधों के लिए सार्थक अवसर मिला। कार्यक्रम में राष्ट्रीय, प्रांतीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन आज के समय की आवश्यकता हैं, जिससे समाज में परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बना रहे और युवाओं को सही दिशा मिल सके। महिला एवं युवा मोर्चा की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया। सम्मेलन का माहौल स्नेह, सहयोग और सामाजिक सौहार्द से परिपूर्ण रहा। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठित प्रयासों से समाज को नई दिशा और मजबूत आधार दिया जा सकता है। MP SAMWADmpsamwad.in

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

Even under the Health Minister, the situation hasn’t improved; a ward boy becomes a ‘doctor,’ resulting in a life lost due to negligence. शहडोल। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। पाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बीच कथित तौर पर वार्ड बॉय और स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ निजी अस्पताल प्रबंधन बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे गुरुनानक चौक निवासी कमलेश जैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक युवक ने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू किया, जबकि दवाइयां अस्पताल की महिला स्टाफ द्वारा लिखी गईं। उस वक्त अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सीपीआर और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उचित इलाज के अभाव में कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि मौके पर डॉक्टर मौजूद होता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शहडोल जिला स्वयं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लचर निगरानी व्यवस्था ने सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री स्वयं जिले के प्रभारी हैं, तब ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो रही है? घटना के बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। MP SAMWADmpsamwad.in

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

Corruption worth lakhs in the Panchayat, complainant reached the Collector’s office with three thousand pages of evidence. शिवपुरी ! जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम इमलोदा निवासी जयपाल सिंह यादव ने ग्राम पंचायत मढ़वासा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां पर पंचायत सरपंच और सचिव ने भारी भ्रष्टाचार किया है। यहां पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जानकारी मैंने आरटीआई के तहत निकाली है और आरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी तीन हजार पन्नों को लेकर में कलेक्टर कार्यालय आया हूं। शिकायतकर्ता जयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे कलेक्टर कार्यालय में जो तीन हजार पन्ने आरटीआई से निकलवाए हैं, उसको लेकर मुझे कलेक्टर कार्यालय आकर शिकायत करनी पड़ रही है। पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण सहित अन्य कार्य में हुआ भ्रष्टाचारशिवपुरी कलेक्ट्रेट में शिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव एक कट्टे में करीब तीन हजार पेजों में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जय सिंह यादव का आरोप है कि ग्राम पंचायत मढ़वासा की सरपंच प्रीती यादव और सचिव गोविंद यादव द्वारा पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण, खरंजा निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, चबूतरा निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। सीईओ ने मांगा सबूत तो आरटीआई लगाईशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कई काम तो ऐसे हैं जो कागजों में करा दिए गए हैं और उनके एवज में लाखों रुपये के भुगतान निकाल लिए गए हैं। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए उसके द्वारा 3 मार्च 2024 से लगातार शिकायती आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। बकौल जयपाल जब उसे कुछ दिन पहले इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ विजयराज से बात की तो उनका कहना था कि आपके पास क्या सबूत है कि भ्रष्टाचार हुआ है। सीईओ ने दिया अटपटा जबावशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने बताया कि यही कारण है कि इस बार मैं सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई तीन हजार पेज की जानकारी लेकर आया हूं कि साहब इन तीन हजार पेजों में है पंचायत की सरपंच और सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार। अब तो करो कार्रवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह यह सारे दस्तावेज लेकर आज भी जिला पंचायत सीईओ से मिला तो, उनका कहना था कि हमारे पास सिर्फ यही एक काम थोड़े ही है। हम अपने हिसाब से जांच करवा रहे हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा। MP SAMWADmpsamwad.in

रतलाम दौरे में मंत्री विजय शाह नाराज़: लाडली बहनों की मौजूदगी के निर्देश, विभागीय लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत

“If Ladli sisters don’t attend the felicitation ceremony, investigate,” Minister Vijay Shah’s statement becomes a topic of discussion रतलाम ! जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग एवं भोपाल गैस राहत पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का रतलाम दौरा कई वजहों से सुर्खियों में रहा. कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान जहां लाडली बहना योजना को लेकर उनका बयान चर्चा में आया, वहीं अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का गुस्सा भी खुलकर सामने दिखा. लाडली बहनों को लेकर मंत्री का बयानइस बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाडली बहना योजना का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर सम्मान कार्यक्रम में रतलाम जिले की बहनों की अच्छी मौजूदगी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में करीब ढाई लाख लाडली बहनें हैं, उनमें से कम से कम 50 हजार बहनें कार्यक्रम में आएं, यह सुनिश्चित किया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार हर बहन को हर महीने 1500 रुपये दे रही है, यानी करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में जा रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में बहनों का आना सम्मान की बात होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो बहनें आएंगी, उन्हें 250 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की जाए. साथ ही जो बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनकी जांच कराई जाए. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका आधार लिंक न हो या किसी तकनीकी कारण से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रही हों. अक्षय ऊर्जा विभाग की चूक पर हंगामाबैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए विभाग प्रमुख की जगह एक मैकेनिक को भेज दिया गया. जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जब नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कामकाज की जानकारी मांगी और सामने आए व्यक्ति से उसका पद पूछा गया, तो उसने खुद को मैकेनिक बताया. यह सुनते ही विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया. इस मामले पर मंत्री विजय शाह ने भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब मंत्री और विधायक बैठक में मौजूद हों, तब विभाग प्रमुखों का न आना गंभीर अनुशासनहीनता है. मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी. सीएम और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखने के निर्देशमंत्री विजय शाह ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक से दूर रखना गलत संदेश देता है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. मैकेनिक को बाहर भेजा, फिर मिलाया हाथघटना के दौरान जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने की कोशिश करने लगा, तो मंत्री ने उसे सख्त लहजे में बैठक से बाहर जाने को कहा. बाद में मंत्री ने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया और धन्यवाद देते हुए बाहर भेज दिया. यह पूरा घटनाक्रम बैठक में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. MP SAMWADmpsamwad.in

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। MP SAMWADmpsamwad.in