भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली। एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया।कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल में सम्पन्न हुआ धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन

Dhaulpura Provincial Youth-Girl Introduction and Love Conference held in Bhopal विशेष संवाददाता राम मेहराभोपाल। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन आज रविवार को भोपाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। यह कार्यक्रम रीगल ग्राउंड, सिविक सेंटर, अवधपुरी पिपलानी में प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, युवक–युवतियां और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के युवक–युवतियों को एक सकारात्मक और संस्कारित मंच प्रदान करना, पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान युवक–युवतियों का सुव्यवस्थित परिचय कराया गया, जिससे समाज के लोगों को आपसी संवाद और वैवाहिक संबंधों के लिए सार्थक अवसर मिला। कार्यक्रम में राष्ट्रीय, प्रांतीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन आज के समय की आवश्यकता हैं, जिससे समाज में परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बना रहे और युवाओं को सही दिशा मिल सके। महिला एवं युवा मोर्चा की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया। सम्मेलन का माहौल स्नेह, सहयोग और सामाजिक सौहार्द से परिपूर्ण रहा। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठित प्रयासों से समाज को नई दिशा और मजबूत आधार दिया जा सकता है। MP SAMWADmpsamwad.in

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

Even under the Health Minister, the situation hasn’t improved; a ward boy becomes a ‘doctor,’ resulting in a life lost due to negligence. शहडोल। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। पाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बीच कथित तौर पर वार्ड बॉय और स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ निजी अस्पताल प्रबंधन बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे गुरुनानक चौक निवासी कमलेश जैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक युवक ने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू किया, जबकि दवाइयां अस्पताल की महिला स्टाफ द्वारा लिखी गईं। उस वक्त अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सीपीआर और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उचित इलाज के अभाव में कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि मौके पर डॉक्टर मौजूद होता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शहडोल जिला स्वयं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लचर निगरानी व्यवस्था ने सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री स्वयं जिले के प्रभारी हैं, तब ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो रही है? घटना के बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। MP SAMWADmpsamwad.in

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

Corruption worth lakhs in the Panchayat, complainant reached the Collector’s office with three thousand pages of evidence. शिवपुरी ! जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम इमलोदा निवासी जयपाल सिंह यादव ने ग्राम पंचायत मढ़वासा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां पर पंचायत सरपंच और सचिव ने भारी भ्रष्टाचार किया है। यहां पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जानकारी मैंने आरटीआई के तहत निकाली है और आरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी तीन हजार पन्नों को लेकर में कलेक्टर कार्यालय आया हूं। शिकायतकर्ता जयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे कलेक्टर कार्यालय में जो तीन हजार पन्ने आरटीआई से निकलवाए हैं, उसको लेकर मुझे कलेक्टर कार्यालय आकर शिकायत करनी पड़ रही है। पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण सहित अन्य कार्य में हुआ भ्रष्टाचारशिवपुरी कलेक्ट्रेट में शिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव एक कट्टे में करीब तीन हजार पेजों में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जय सिंह यादव का आरोप है कि ग्राम पंचायत मढ़वासा की सरपंच प्रीती यादव और सचिव गोविंद यादव द्वारा पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण, खरंजा निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, चबूतरा निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। सीईओ ने मांगा सबूत तो आरटीआई लगाईशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कई काम तो ऐसे हैं जो कागजों में करा दिए गए हैं और उनके एवज में लाखों रुपये के भुगतान निकाल लिए गए हैं। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए उसके द्वारा 3 मार्च 2024 से लगातार शिकायती आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। बकौल जयपाल जब उसे कुछ दिन पहले इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ विजयराज से बात की तो उनका कहना था कि आपके पास क्या सबूत है कि भ्रष्टाचार हुआ है। सीईओ ने दिया अटपटा जबावशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने बताया कि यही कारण है कि इस बार मैं सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई तीन हजार पेज की जानकारी लेकर आया हूं कि साहब इन तीन हजार पेजों में है पंचायत की सरपंच और सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार। अब तो करो कार्रवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह यह सारे दस्तावेज लेकर आज भी जिला पंचायत सीईओ से मिला तो, उनका कहना था कि हमारे पास सिर्फ यही एक काम थोड़े ही है। हम अपने हिसाब से जांच करवा रहे हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा। MP SAMWADmpsamwad.in

रतलाम दौरे में मंत्री विजय शाह नाराज़: लाडली बहनों की मौजूदगी के निर्देश, विभागीय लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत

“If Ladli sisters don’t attend the felicitation ceremony, investigate,” Minister Vijay Shah’s statement becomes a topic of discussion रतलाम ! जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग एवं भोपाल गैस राहत पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का रतलाम दौरा कई वजहों से सुर्खियों में रहा. कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान जहां लाडली बहना योजना को लेकर उनका बयान चर्चा में आया, वहीं अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का गुस्सा भी खुलकर सामने दिखा. लाडली बहनों को लेकर मंत्री का बयानइस बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाडली बहना योजना का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर सम्मान कार्यक्रम में रतलाम जिले की बहनों की अच्छी मौजूदगी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में करीब ढाई लाख लाडली बहनें हैं, उनमें से कम से कम 50 हजार बहनें कार्यक्रम में आएं, यह सुनिश्चित किया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार हर बहन को हर महीने 1500 रुपये दे रही है, यानी करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में जा रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में बहनों का आना सम्मान की बात होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो बहनें आएंगी, उन्हें 250 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की जाए. साथ ही जो बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनकी जांच कराई जाए. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका आधार लिंक न हो या किसी तकनीकी कारण से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रही हों. अक्षय ऊर्जा विभाग की चूक पर हंगामाबैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए विभाग प्रमुख की जगह एक मैकेनिक को भेज दिया गया. जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जब नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कामकाज की जानकारी मांगी और सामने आए व्यक्ति से उसका पद पूछा गया, तो उसने खुद को मैकेनिक बताया. यह सुनते ही विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया. इस मामले पर मंत्री विजय शाह ने भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब मंत्री और विधायक बैठक में मौजूद हों, तब विभाग प्रमुखों का न आना गंभीर अनुशासनहीनता है. मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी. सीएम और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखने के निर्देशमंत्री विजय शाह ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक से दूर रखना गलत संदेश देता है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. मैकेनिक को बाहर भेजा, फिर मिलाया हाथघटना के दौरान जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने की कोशिश करने लगा, तो मंत्री ने उसे सख्त लहजे में बैठक से बाहर जाने को कहा. बाद में मंत्री ने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया और धन्यवाद देते हुए बाहर भेज दिया. यह पूरा घटनाक्रम बैठक में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. MP SAMWADmpsamwad.in

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। MP SAMWADmpsamwad.in

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र शुरू, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। MP SAMWADmpsamwad.in

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार- नगर निगम हो, भोपाल मेट्रो या फिर पीडब्ल्यूडी… सभी में हुई घपलेबाजी

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation, the Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?” MP SAMWADmpsamwad.in

भारतीय मजदूर संघ ने 46 सूत्रीय मांगें सीएम तक पहुंचाईं, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

Bharatiya Mazdoor Sangh conveyed its 46-point demands to the CM and submitted a memorandum to the Collector. शिवपुरी। भारतीय मजदूर संघ, मध्यप्रदेश ने जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक 46 सूत्रीय मांगपत्र कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के लाखों श्रमिक और कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की अपील की गई है। संगठन ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों जैसे दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मी, आउटसोर्स स्टाफ, अतिथि शिक्षक-विद्वान, बिजली कंपनी कर्मचारी, आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता, हम्माल-तुलावटी, पटवारी और पंचायत सचिवों की समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी हैं। इन सभी के निराकरण के लिए यह विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए हरियाणा मॉडल की तर्ज पर सुरक्षा नीति लागू करना, 10 वर्ष पूरे कर चुके दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करना और संविदा नीति 2023 की विवादित धाराओं को हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अतिथि विद्वानों को 65 वर्ष तक सेवा सुरक्षा प्रदान करने और बिजली कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की गई है। अन्य महत्वपूर्ण मांगों में नवनियुक्त कर्मचारियों की स्टाइपेंड व्यवस्था समाप्त कर नियुक्ति से पूर्ण वेतन बहाल करना, स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान, पदोन्नति प्रक्रिया फिर से शुरू करना, आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया और हम्मालों का मानदेय बढ़ाना शामिल है। ज्ञापन सौंपते समय भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष फतेह सिंह गुर्जर, जिला मंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे। MP SAMWADmpsamwad.in