EOW की टीम ने कि बड़ी कार्यवाही: सहायक राजस्व अधिकारी और प्रभारी बिल कलेक्टर को 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाए

EOW की टीम ने कि बड़ी कार्यवाही: सहायक राजस्व अधिकारी और प्रभारी बिल कलेक्टर को 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाए

EOW team major action: Assistant Revenue Officer and In-charge Bill Collector caught accepting bribe of 40 thousand rupees इंदौर ! मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं EOW और लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है जहां सहायक राजस्व अधिकारी को 40 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में प्रभारी बिल कलेक्टर को भी आरोपी बनाया गया है। सील गोदाम को दोबारा खोलने के बदले मांगी रिश्वतशिकायतकर्ता संतोष सिलावट निवासी गीता नगर इंदौर ने 01 अक्टूबर को ईओडब्लयू कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि उसके गोदाम को निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा नोटिस चस्पा कर सील कर दिया गया है और अब सील गोदाम को खोलने हेतु पुनीत अग्रवाल सहायक राजस्व अधिकारी नगर पालिका निगम झोन-19 एवं रोहित साबले, प्रभारी बिल कलेक्टर, राजस्व विभाग, नगर पालिका निगम, झोन क्रमांक 19 उससे 40 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं EOW ने रिश्वत लेते पकड़ाफरियादी संतोष पटेल की शिकायत की जांच के बाद EOW ने रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 3 अक्टूबर को फरियादी संतोष सिलावट को रिश्वत के 40 हजार रूपये देने के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक पुनीत अग्रवाल के पास भेजा गया। सहायक राजस्व अधिकारी पुनीत अग्रवाल ने नगर पालिका निगम जोन-19 के दफ्तर में रिश्वत देने के लिए फरियादी को बुलाया और जैसे ही वहां उसने व प्रभारी बिल कलेक्टर रोहित साबले ने रिश्वत की रकम की तो EOW की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। MP SAMWADmpsamwad.in

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

Shivraj Singh Chouhan’s favourite Sehore MLA Sudesh Rai owns property worth crores भोपाल। Sehore MLA Sudesh Rai साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 230 विधायकों में 205 करोड़पति हैं। विधायकों की संपत्ति साल दर साल बड़ी है। मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायकों की सीरीज में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर के विधायकों की सम्पत्ति कई गुना बड़ी है। Sehore MLA Sudesh Rai 74.71 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जो सीहोर सीट से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में सुदेश राय ने अपनी संपत्ति 74 करोड़ 71 लाख 38 हजार 89 रुपये बताई थी, जबकि उनकी देनदारी 2 करोड़ 75 लाख 7 हजार 785 रुपये थी। राय की संपत्ति 5 साल में 7.20 करोड़ रुपये बढ़ गई है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 67 करोड़ 51 लाख 29 हजार 525 रुपये बताई थी। चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुदेश राय के नाम पर 24.17 करोड़ रुपये की 59.125 एकड़ खेतीहर जमीन है, जबकि उनकी पत्नी के नाम भी 4.04 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है। इसके अलावा उनके पास 21.33 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 96.42 लाख की नॉन-एग्रीकल्चर जमीन है। Read more: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट ,सरकार ने अपनी छवि चमकाने पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर पानी की तरह बहाया पैसा सुदेश राय के नाम पर सीहोर में 1.09 करोड़ रुपये का एक घर है, जो 3472 स्क्वायर फीट में बना है। उनके पास सीहोर में इंदौर-भोपाल रोड पर एक कमर्शियल बिल्डिंग भी है, जिसकी कीमत उन्होंने एफिडेविट में 10.51 करोड़ रुपये बताई थी। सुदेश राय को महंगी कार का भी शौक है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने 2 कारों का जिक्र किया था। इसमें 21.74 लाख रुपये की कीमत की फोर्ड एंडेवर और 1.29 करोड़ रुपये की मर्सडीज शामिल है। सुदेश राय के पास 200 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 2023 में उन्होंने 11 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 27.5 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 2 किलो 70 ग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत साल 2023 में 1.5 लाख रुपये थी। Sehore MLA Sudesh Rai ने 2013 में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2018 और 2023 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट ,सरकार ने अपनी छवि चमकाने पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर पानी की तरह बहाया पैसा

The ‘Save the Girl Child, Educate the Girl Child’ scheme remains incomplete, with a large budget for girls. भोपाल। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को सरकार पलीता लगा रही है। इस योजना का स्वीकृत फंड का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ। जमीनी क्रियान्वयन और बालिकाओं तक योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है।बेटियों की कम हो रही संख्या को समान अनुपात में लाने के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर प्रयास किए जाते हैं, लेकिन उनका ग्राउंड जीरो पर असर दिखाई नहीं देता है। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गिरते लिंगानुपात को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या पर से लगाना तथा बालिकाओं की शिक्षा और शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देना है। यह योजना निश्चित तौर पर बदलाव ला सकती है, लेकिन संचालन के तौर तरीके इस योजना को आगे नहीं बड़ा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में स्वीकृत राशि में से करीब एक तिहाई राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। वर्ष 2024-25 (31 दिसंबर तक) में तो सबसे कम करीब 13 फीसद राशि ही खर्च हो पाई। ऐसे में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी सफलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। भ्रूण परीक्षण जैसे गैरकानूनी और अनैतिक कृत्य भी तकनीक के दुरुपयोग का ही परिणाम है। देश में लिंगानुपात गड़बड़ाने का एक कारण भ्रूण परीक्षण भी है। हालांकि इस पर कानूनन प्रतिबंध है, लेकिन चोरी-छिपे भ्रूण परीक्षण कराने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।हमारे समाज की रूढ़िवादी मानसिकता भी इसके लिए जिम्मेदार है। बेटे को प्राथमिकता और बेटियों को परिवार पर बोझ समझने की प्रवृत्ति आज भी मौजूद है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में समाज की इस सोच को बदलने का आह्वान भी शामिल है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही देखी जा रही है। जब इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का एक बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया जा रहा है, इससे कई बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंचा हीं नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले ग्यारह वर्षों में इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का 100 फीसद इस्तेमाल कभी नहीं हो पाया। जबकि योजना के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, उनमें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधाएं और शौचालय के निर्माण जैसे कार्यों पर किया जाता है। जिला स्तर पर इस योजना को लागू करने के लिए धनराशि राज्य सरकार के माध्यम से प्रदान की जाती है। हकीकत यह भी सामने आई है कि कई जगह पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर ही अधिक राशि खर्च की गई है, जबकि बालिका शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर वास्तविक खर्च सीमित रहा। इससे साफ है कि इस योजना को जमीन पर उतारने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसकी जिम्मेदारी तय होना चाहिए, तभी यह योजना आगे बढ़ पाएगी। MP SAMWADmpsamwad.in

नशे में धुत थानेदार ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी, SP ने तुरंत ‘इलाज’ कर दिया

Drunk police officer hits several vehicles, SP immediately ‘treated’ him मामला देहरादून के राजपुर का है. वहां के थाना इंचार्ज देर रात नशे में धुत होकर कई गाड़ियों को टक्कर मार दिया. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. उत्तराखंड के देहरादून में नशे में धुत एक दरोगा ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी. इस हादसे में कुछ गाड़ियों को भारी नुकसान हुआ. लेकिन गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इस दौरान लोगों ने विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. सूत्रों के मुताबिक मामला देहरादून के राजपुर का है. वहां के थाना इंचार्ज देर रात नशे में धुत होकर कई गाड़ियों को टक्कर मार दिया. इस हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई. इसके बाद गुस्साए लोगों ने थानेदार को पकड़ लिया. वहीं लोगों ने भारी हंगामे के बीच पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस उसे थाने लेकर गई. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि लोगों की भीड़ इकट्ठा है. वहीं आरोपी दरोगा कुर्सी पर बैठा हुआ है. इस दौरान लोग कहते हैं कि यह पुलिस वाला है. इसके बाद वीडियो में गाड़ियों के टूटे दरवाजे और बोनट दिखाई दे रहे हैं. वहीं दरोगा कुछ भी बोलने से बचता नजर आ रहा है. MP SAMWADmpsamwad.in

RSS के सह सरकार्यवाह का विवादित बयान बोले – बोले ‘भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती’

RSS’s co-general secretary made a controversial statement, saying, “Saying Bharat Mata ki Jai doesn’t make one patriotic.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती है। जीवन के हर पल, हर क्षण जब मैं समाज और देश के लिए कुछ करता हूं तो उसे राष्ट्रभक्ति कहते हैं। उन्होंने कहा- आज हमारे समाज के अंदर बहुत सारी शक्तियां ऐसी हैं, जो इस समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। जगह-जगह जातियों के आधार पर समाज को लड़ाने के प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश पर एक हजार साल या तो विदेशी शक्तियों का शासन था या उनके प्रभावों के आधार पर शासन चला, लेकिन पहली बार उन्हें लग रहा है कि हमारा अस्तित्व खतरे में है। यह समझकर उन्होंने रणनीति बदल ली है। सब एकत्र हो गए हैं और उन्होंने अपना एक कॉमन दुश्मन भारत, हिंदू और संघ को मान लिया है। संघ पर प्रश्न कैसे खड़े किए जाएं। इसके लिए सोशल मीडिया, मीडिया में आप देख रहे हैं, कई प्रयास चल रहे हैं। जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा नगर की हेडगेवार बस्ती में गुरुवार को विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ये बातें कही। सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- हर व्यक्ति को अपने मन में विचार करना चाहिए कि आज मैंने देश के लिए क्या किया, आज मैंने समाज को क्या दिया। दुर्भाग्य से सारा समाज मैं, मेरा परिवार, आत्मकेंद्रित, समाज से उदासीन, यही चारों तरफ का वातावरण दिखाई देता है। ईर्ष्या, द्वेष, गुटबाजी पता नहीं कब समाज के अंदर आ गई। उन्होंने कहा- चार व्यक्ति मिलकर एक मंदिर बनाने का अच्छा काम शुरू करते हैं। दो ग्रुप हो जाते हैं, सब धार्मिक हैं, सब आस्थावान हैं, लेकिन आपस में लड़ते हैं। समाज के अंदर पता नहीं किस कालखंड में आत्मविश्वास खत्म हो गया। अरुण कुमार ने कहा- समाज में जो शक्तियां देश को तोड़ना चाहती है। इस भारत को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है। उसे हमें समझना होगा। हम महापुरुषों के नाम पर लड़ना शुरू कर देते हैं। आरक्षण के नाम पर समाज आमने-सामने खड़े जाते हैं। उन्होंने कहा- समाज के अंदर नॉन इश्यूज को लेकर बहुत बड़े-बड़े आंदोलन खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में समाज बांटने के प्रयास ओर बढ़ेंगे। इसके प्रति भी जागरूक रहना होगा। MP SAMWADmpsamwad.in

कटोरा हाथ में लेकर तहसील पहुंचे अतिथि शिक्षक, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

कटोरा हाथ में लेकर तहसील पहुंचे अतिथि शिक्षक, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Guest teachers reached the tehsil with bowls in their hands and submitted a memorandum to the Tehsildar. सिरोंज। अपनी मांगों कोलेकर क्षेत्र के अतिथि शिक्षक बुधवार को कटोरा लेकर तहसील कार्यालय में पहुंचे। कटोरा हाथ में लिए अतिथि शिक्षक सरकार और प्रशासन केखिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि 3 महीनेसे वेतन नहीं मिलने के कारण भीख मांगने की नौबत आ गई है। इसी दौरान उन्होंने तहसील कार्यालय की जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। नारेबाजी सुनकर तहसीलदार संजय चौरसिया बाहर आए। इसके बाद अतिथि शिक्षकों ने उन्हें अपनी मांगों को लेकर लोकशिक्षण संचालनाय के आयुक्त को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अतिथियोंने बताया कि अच्छा रिजल्ट और लगातार अध्यापन करवाने के बाद भी हमें अपना हक प्रदान नहीं किया जा रहा। ज्ञापन में उन्होंने समय पर वेतन भुगतान करने, ईअटेंडेंस की कि विसंगतियों को सुधारने, तत्कालिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 सितंबर 2023 को शिक्षक महापंचायत में की गई घोषणओं को पूरा करने की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर अतिथि शिक्षकों द्वारा सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में उग्रप्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में संघटन के जिलाध्यक्ष राकेश कुशवाह, ब्लाक अध्यक्ष गोविंद सिंह चौहान, संजीव शर्मा, सुनील शर्मा, छगन राजपूत, कल्लू कुशवाह, सुनील प्रजापति, रामदयाल अहिरवार तथा बबलू खान केसाथ ही अनेक अतिथि शिक्षक मौजूद थे। MP SAMWADmpsamwad.in

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

Indore tops the country in crimes against children and women. इंदौर ! बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इंदौर देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है. हाल ही में जारी एनसीआरबी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में इंदौर को बच्चों के खिलाफ अपराध में चौथा और महिलाओं के खिलाफ अपराध में पाँचवाँ स्थान दिया है. ये आंकड़े प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चेतावनी हैं.रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पूरे देश में बच्चों के खिलाफ 1.77 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.48 लाख के पार गए. इन आंकड़ों में इंदौर की स्थिति चिंता बढ़ाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अपराध में वृद्धि, खासकर कमजोर वर्ग बच्चों और महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है. पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है, लेकिन रिपोर्ट दर्शाती है कि अभी भी शहर में सुरक्षा के मामले गंभीर बने हुए हैं. इंदौर पुलिस सूत्रों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है. एनसीआरबी की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे. कुल मिलाकर, आर्थिक और व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में कानून-व्यवस्था की यह स्थिति, शहर के लिए गंभीर चेतावनी है. MP SAMWADmpsamwad.in

शिवपुरी नगर पालिका में 16 लाख के भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ा

शिवपुरी नगर पालिका में 16 लाख के भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ा

A case of corruption worth Rs 16 lakh in Shivpuri Municipality gained momentum. शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका में 16 लाख के भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में सीएमओ और नगरपालिका अध्यक्ष को सहअभियुक्त बनाने की मांग को लेकर पार्षदों ने एसपी को ज्ञापन दिया। शिवपुरी नगर पालिका में जीरा, मुर्रम, कत्तल और सड़क निर्माण कार्यों में हुए करीब 16 लाख रुपए के कथित भ्रष्टाचार का मामला गरमाया हुआ है। इस प्रकरण में वर्तमान मुख्य नगर पालिका अधिकारी इशांक धाकड़ और नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को सहअभियुक्त बनाने की मांग पार्षदों ने की है। MP SAMWADmpsamwad.in

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

The BJP president expelled councillors from his own party from the PIC due to internal infighting within the BJP. मध्य प्रदेश के गुना में भाजपा आपसी खींचतान खुलकर सामने आई। नपा परिषद अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को सबक सिखाते हुए पीआईसी से बाहर किया और जातीय समीकरण साधते हुए नए सदस्य जोड़े। BJP Faction War: गुना नगरपालिका परिषद (Guna Municipal Council) में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों भाजपा के अधिकतर पार्षदों ने अपनी ही नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव विपक्ष के साथ मिलकर गिरा दिए थे। आठ पार्षद केवल नगर पालिका अध्यक्ष के साथ थे। इसके बाद् भाजपा पार्षदों में रार बढ़ गई। इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष ने उन पार्षदों को सबक सिखाने के लिए प्रेसीडेंट इन काउंसिल (पीआइसी) से छुट्टी कर दी है। इसमें पीआइसी के सदस्य रहे दिनेश शर्मा, अलका कोरी, अजब बाई लोधा और सुमन लोधा को हटाया गया है। उनकी जगह विनोद लोधा, राजकुमारी जाटव, अनीता कुशवाह, कीर्ति सरवैया को पीआइसी में प्रभारी के रूप में शामिल किया है। पीआइसी सदस्यों के बदले गए विभागनई पीआइसी में कई सदस्यों के भी विभाग बदल दिए हैं। पीआइसी की किसी भी समिति या विभाग में कांग्रेस की पार्षद रश्मि शर्मा को शामिल नहीं किया है। पार्षदों के बीच यह चर्चा है कि पीआइसी के फेरबदल का मामला स्थानीय संगठन के साथ-साथ भाजपा प्रदेश संगठन के पास भेजा जा सकता है। वहीं अध्यक्ष इस फेरबदल का कारण भाजपा के रीति-नीति के अनुसार जातिगत समीकरण और महिलाओं का प्रतिनिधित्व देने वाला बता रही है। गुटबाजी के चलते किया गया बदलावनपा अध्यक्ष के अनुसार स्वास्थ्य समिति के प्रभारी दिनेश शर्मा, सामान्य प्रशासन समिति की प्रभारी अलका कोरी, शहरी गरीबी उपशमन विभाग की प्रभारी सुमन लोधा और यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी अजब बाई लोधा को अध्यक्ष ने पीआइसी सदस्य बनाया था। लेकिन लगातार विवाद और गुटबाजी चलते बदलाव किया गया है। विरोध के चलते पास नहीं हो पाए थे कई प्रस्तावपिछले दिनों हुई नगरपालिका परिषद की बैठक में रेलवे को पानी दिए जाने, शहर की मुख्य सड़कों के डामरीकरण किए जाने आदि प्रस्ताव को भाजपा पार्षद दल की आपसी गुटबाजी के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। ऐसे ही पूर्व में 19 सितंबर को होने वाली नगरपालिका परिषद की बैठक आपसी सहमति न बनने और विवाद होने के कारण स्थगित कर दी थी। भाजपा कई पार्षद विवाद के बाद शिकायत करने पुलिस थाने भी पहुंच गए थे। अब ये है नई पीआइसी नई पीआईसी में राजकुमारी जाटव, राजू ओझा, अनीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा, कीर्ति सरवैया, बबीता साहू को शामिल किया है।सामान्य प्रशासन विभाग समिति की प्रभारी राजकुमारी जाटव होंगी, तथा सदस्य के रूप में बबीता साहू, अनीता कुशवाह, अलका कोरी. राजू ओझा. नीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा होंगे। जल कार्य एवं सीवरेज विभाग के प्रभारी राजू ओझा को बनाया है। सदस्य के रूप में सुशीला कुशवाह. संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह. फूलबाई ओझा, राममूर्ति कुशवाह, तरुण सेन, नीता कुशवाह है।लोक निर्माण एवं उद्यान, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभारी अनीता कुशवाह हैं। इसमें सदस्य के रूप में अलका कोरी. सुमन लोधा, राधाबाई कुशवाह, संध्या सोनी. राजकुमारी जाटव, सुनीता शर्मा, तरुण मालवीय हैं।राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग के प्रभारी कैलाश धाकड़ होंगे। सदस्य के रूप में महेश कुशवाह, ओमप्रकाश कुशवाह, कीर्ति सरवैया, नीता कुशवाह, रमेश भील, दिनेश शर्मा, विनोद लोधा शामिल हैं। स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे।गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी। MP SAMWADmpsamwad.in