राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

On National Unity Day, Indore Police planted ‘Ekta Vriksharopan’ (tree plantation) and gave the message of staying united like trees. इंदौर ! लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर मनाए गए राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया. डीआरपी लाइन परिसर में ‘एकता वृक्षारोपण कार्यक्रम’ आयोजित हुआ.कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही. अति पुलिस आयुक्त अमित कुमार सिंह, सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर पौधारोपण कर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया. वृक्षारोपण के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि “पेड़ हमें एकता और अखंडता का सच्चा संदेश देते हैं. जिस तरह जड़, तना, शाखाएं और पत्तियां मिलकर एक सशक्त वृक्ष बनाते हैं, उसी प्रकार संगठित रहकर हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं.” उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने और सामूहिक एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान भी किया. कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में एकता, देशभक्ति और सरदार पटेल के प्रेरक व्यक्तित्व से जुड़ाव की भावना को बढ़ाना रहा. MP SAMWADmpsamwad.in

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

Indore tops the country in crimes against children and women. इंदौर ! बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इंदौर देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है. हाल ही में जारी एनसीआरबी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में इंदौर को बच्चों के खिलाफ अपराध में चौथा और महिलाओं के खिलाफ अपराध में पाँचवाँ स्थान दिया है. ये आंकड़े प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चेतावनी हैं.रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पूरे देश में बच्चों के खिलाफ 1.77 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.48 लाख के पार गए. इन आंकड़ों में इंदौर की स्थिति चिंता बढ़ाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अपराध में वृद्धि, खासकर कमजोर वर्ग बच्चों और महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है. पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है, लेकिन रिपोर्ट दर्शाती है कि अभी भी शहर में सुरक्षा के मामले गंभीर बने हुए हैं. इंदौर पुलिस सूत्रों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है. एनसीआरबी की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे. कुल मिलाकर, आर्थिक और व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में कानून-व्यवस्था की यह स्थिति, शहर के लिए गंभीर चेतावनी है. MP SAMWADmpsamwad.in