‘200 लोग लाओ, दो करोड़ के प्रस्ताव पास कराओ’, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को सीएम से मिलाने का भी दिया ऑफर

Minister in charge Tulsiram Silawat also offered to introduce the councillors to the Chief Minister.

“Bring 200 people, get a proposal worth two crore rupees passed,” Minister in charge Tulsiram Silawat also offered to introduce the councillors to the Chief Minister. ग्वालियर। जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को ग्वालियर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा पार्षद दल की बैठक ली। बाल भवन के नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी पार्षदों को लक्ष्य दिया कि कार्यक्रम में 200-200 लोगों को लेकर पहुंचना है। वाहनों की चिंता नहीं करें। वो सारी व्यवस्था हम कराएंगे। पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगेप्रभारी मंत्री तुलसीराम ने कहा कि इसके अलावा पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगे, जिसके प्रस्ताव तैयार कराए जाएं। क्योंकि अब आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने में डेढ़ साल ही रह गया है। इस पर पार्षदों ने पूछा कि ये कार्य किस वित्तीय वर्ष में कराए जाएंगे, तो प्रभारी मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने से पहले काम हो जाएंगे। सीएम मोहन यादव से मिलवाने का किया वादाप्रभारी मंत्री ने पार्षदों से यह भी कहा कि कार्यक्रम का सफल आयोजन होने के बाद आप सभी को मैं इंदौर लेकर चलूंगा। आपको इंदौर घुमाया जाएगा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय लेकर उनसे मुलाकात भी कराई जाएगी। बैठक की शुरुआत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटलजी राष्ट्र के गौरव होने के साथ ही ग्वालियर के लाडले सपूत थे। उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को भव्य व ऐतिहासिक बनाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। परिषद की बैठक भी हुई स्थगितवहीं सोमवार को नगर निगम परिषद की बैठक को सभापति मनोज सिंह तोमर ने कोरम के अभाव में स्थगित कर दिया। दरअसल, 25 दिसंबर को वीआइपी आगमन के चलते नगर निगम के अधिकतर अधिकारी व्यस्त थे। इसके अलावा जिले में प्रभारी मंत्री द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही थीं। ऐसे में परिषद में पार्षद पूरी संख्या में नहीं पहुंचे थे। हालांकि पिछली बैठक में जिन 15 प्रश्नों के उत्तर न आने के कारण हंगामा हुआ था, वो सारी जानकारी सदन में आ गई थी, लेकिन कोरम के अभाव के चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। वार्ड स्तर पर भी लीं बैठकेंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर सोमवार को शहर के सभी वार्डों में भाजपा की बैठकें आयोजित हुईं। वार्ड 19 में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए। वहीं वार्डों की बैठकों में भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वार्ड 19 की श्रीकृष्ण वाटिका में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटल स्मृति वर्ष की स्मृति को बनाए रखने के लिए 25 दिसंबर को स्मृति के रूप में आप सबके अमूल्य योगदान के कारण जाना जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 25 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में हर बूथ से कार्यकर्ता की भागीदारी सुनिश्चित हो। MP SAMWADmpsamwad.in

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है। MP SAMWADmpsamwad.in

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा। MP SAMWADmpsamwad.in

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। MP SAMWADmpsamwad.in

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

Heavy rains have ruined the crops of farmers in the Churhat region: Ajay Singh सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधानसभा के विधायक अजय सिंह ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण चुरहट विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के अंचलों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।इस भीषण वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल गलने लगी है, वहीं कई स्थानों पर रबी फसलों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि किसानों के लिए अत्यंत त्रासदीपूर्ण बन चुकी है।जिन किसानों ने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करके खेतों में फसल उगाई थी, आज वे अपनी आँखों के सामने अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहे हैं। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी जीविका, उम्मीद और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार है। अजयसिंह ने कहा कि चुरहट और आसपास के क्षेत्रों में कई गाँव ऐसे हैं जहाँ खेतों में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसानों के सामने भविष्य की बुवाई का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, नालियाँ जाम हैं और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस आया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंह ने इस स्थिति को “कृषक आपदा” बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा – मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि पूरे क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए, किसानों की फसल हानि का सही आकलन कर उचित राहत और मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसान ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।कृषक हमारे समाज का आधार हैं। अगर खेत सूने होंगे, तो मंडियाँ भी सूनी होंगी। किसानों का दर्द प्रदेश का दर्द है, इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे कठिन समय में उनके साथ खड़ी होकर हर संभव सहायता प्रदान करे।अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई प्रभावित गाँवों से जानकारी ली है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजेंगे और मंत्रिस्तरीय टीम से चुरहट क्षेत्र का दौरा करवाने की मांग करेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से यह भी कहा कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके लिए विशेष राहत शिविर, मुफ्त बीज वितरण, और अगले सीज़न की तैयारी हेतु ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की जाए।अजय सिंह ने अंत में कहा कि यह समय राजनीति का नही, सेवा का है। जो किसान धरती का अन्नदाता है, उसे संकट में छोड़ देना सबसे बड़ी असंवेदनशीलता होगी। मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि चुरहट सहित पूरे सीधी जिले को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। MP SAMWADmpsamwad.in

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? MP SAMWADmpsamwad.in

कफ सिरप मौत कांड : मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवारों को नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दी 50 हजार की सहायता

Cough syrup death case: Leader of Opposition Singhar gives Rs 50,000 each to the families of the deceased children. भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और कफ सिरप से मृत हुए बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की और दुख की घड़ी में उनका ढाँडस बंधाया। सिंघार ने मृत बच्चे के प्रत्येक परिवार को ₹50,000 की सहायता देने की बात कही।  उन्होंने इस लापरवाही के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते तो इन शोक में डूबे परिवारों की आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन यह गरीब परिवार हैं इसलिए वे इनकी मदद नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अमीरों की है और उन्हीं की मदद करती है। विदेशों में दौरे करने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहाती है, लेकिन इनकी मदद करना उचित नहीं समझती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने दौरे की जानकारी अपने सोशल अकाउंट x पर दी।  उमंग ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप पीने से मासूम बच्चों की हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि, कई परिवार इलाज के दौरान लाखों के कर्ज़ में डूब गए हैं। मैंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए हर मृत बच्चे के परिवार को ₹50,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं है।  मुख्यमंत्री डॉ यादव आप अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मृत बच्चों के शोकग्रस्त परिजनों को भी सम्मानजनक आर्थिक सहायता दें, तभी सच्ची सहानुभूति मानी जाएगी, अन्यथा यह सिर्फ दिखावा है। सिंघार ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया दवाओं की सप्लाई ने इन मासूमों की जान ली। परासिया में फैली यह त्रासदी न केवल सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था में इतने बड़े पैमाने पर चूक कैसे हुई। प्रदेश में अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, जबकि पीड़ित परिवार अब भी न्याय और राहत की आस में हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

बीजेपी नेता का विवादित बयान: कांग्रेस एक  चड्डी-बनियान गिरोह है- क्राइम को लेकर कसा तंज

BJP leader’s controversial statement: Congress is a shorts-and-vest gang – takes a dig at crime जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने प्रदेश में बढ़ते अपराध का कारण कांग्रेस को बताया है। बीजेपी महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपने ही पार्टी के अपराधियों के साथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चड्डी-बनियान गिरोह जैसे है और आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस नेता अपराधों को संरक्षण देकर अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रहे है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक गई डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि डकैती कांड में एनएसयूआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी इस बात का ताजा उदाहरण है कि कांग्रेस अब अपराधियों की पनाहगार बन चुकी है। जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है। इससे साफ है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर इस डकैती प्रकरण तक कांग्रेस का यही चेहरा रहा है। एक ओर विधायक के घर से हथियार मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर महिला विधायक के अवैध रेत खनन के लिए रंगदारी वसूली का ऑडियो वायरल हो रहा हैं। कांग्रेस शासनकाल में अपराध में इजाफा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि किसानों के लाखों रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर करने से लेकर बस्तर और सरगुजा तक, कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता अपराधों में सामने आ रही है। एनसीआरबी की रिपोर्ट खुद बताती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में कितना इजाफा हुआ। कांग्रेस जहां भी अपराध है, वहीं दिखाई देती है। या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को संरक्षण देकर जनता को डराने की राजनीति कर रही है और फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर सरकार पर हमले करती है। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने ये सभी बयान पत्रकार वार्ता में दिया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी मौजूद रहीं। MP SAMWADmpsamwad.in

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे स्वास्थ्य मंत्री: जीतू पटवारी

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि हर हाल में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा से लेकर ड्रग कंट्रोलर, पी एस और स्वास्थ सचिव को निलंबित करने की कार्यवाही करे, तब लगेगा की प्रदेश की मोहन सरकार बच्चों की मौत के मामले में गंभीर है। मृतक बच्चों के परिजनों से श्री पटवारी ने वन टू वन बात करते हुए कहा सरकार अगर मृतक बच्चों के परिजनों के आसू पोछना चाहती है तो तत्काल परिजनों को एक एक करोड़ का मुहावजा देते हुए नागपूर में इलाजरत बीमार बच्चों की ईलाज की समुचित व्यवस्था कराए। जिले में अब तक किडनी फेल होने से मौत का आंकड़ा 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

Kamal Nath for farmers loan waiver model is essential for farmers. भोपाल। Kamal Nath for farmers loan मध्य प्रदेश आज भी एक कृषि प्रधान राज्य है, वहां करीब 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद प्रदेश में किसानों को चुनौतियां बढ़ती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सत्ताधारी पाजपा ने किसानों से जो भी यादे किये वे निभाए नहीं। न तो वादे के मुताबिक 2022 में किसानों की आमदनी पुगनी हुई उऔर न ही 2023 के विधानसभा चुनाव में गेहूं और धान का यह न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया, जिसका वादा भाजपा ने किया चा। सवकि इस दौरान कृषि लागत लगातार बढ़ती गई है। ऐसे में जरूरी है कि पलटकर देखा जाए कि प्रदेश के किसानों के हित के लिए अत्तील में कौन से बढ़िया काम हुए थे और क्या उन्हें दुहराया जा सकता है। Kamal Nath for farmers loan पाठकों को याद होगा कि दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी के आदेश पर दस्तखत किये थे। कर्ज में फंसे किसानों का पूरा अध्ययन करने के बाद कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों का कर्म माफ कर दिया था। प्रदेश के इतिहास में यह सबसे बाते कर्न माफी योजना थी। कमलनाथ सरकार ने दो चरणों में करीब 27 लाख डिसानों का कर्ज माफ किया था, जो प्रदेश के लिये अपने आप में एक रिकॉर्ड है इस योजना के पहले चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों का कर्ज माफ किया था और दूसरे चरण में 6 लाख 72 हमार 245 किसानों का कर्ज माफ किया गया। इस तरह करीब 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया। कमलनाथ अगले चरण में और भी किसानों का कर्ज माफ करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस बीए उनकी सरकार गिरा की गई। Kamal Nath for farmers loan इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि कमलनाथ ने किसानों का कर्ज तो साफ किया लेकिन राजकोष पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। कर्जमाफी के पाले चरण में 7108.96 करोड़ रूपये और दूम चरण में 4538,03 करोड़ रूपये यानी कुरा मिलाकर 11,646.96 करोड़ रूपये के किसान कर्ज माफ किये गए। देवास, खरगोन, मंदसौर, सीहोर और विदिशा जिलों में तो एक-एक लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया गया। छिंदवाड़ा में करीब 75 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया। मध्य प्रदेश जैसे राज्य के लिये यह काफी बड़ी संख्या है और खासकर कमलनाथ सरकार की जिस तरह का खाली खजाना मिला था, उसमें तो यह और बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस चुनौती से निपटने में कमलनाथ का अनुभव काम आया था। छिंदवाड़ा से 40 साल तक सांसद रहने के कारण ये किसानों की जरूरतों को बखूयी जानते थे, तो दूसरी तरफ देश के वाणिज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव बैंकों पर नकेल कसने में काम आया। कमलनाथ ने बैंकों से कहा कि वे उसी तरह किसानों का कर्ज माफ करें जिस तरह के कोपटि का कि संपूर्ण बकाया राशि की जगह बैंक एका कर्ज माफ करते हैं। इसका मतलब यह या ऐसी राशि पर समझौता करें तो बैंक और राज्य सरकार दोनों को मंजूर हो। कमालनाय बारीक ज्ञान के सामने बैंकों की दलीलें नहीं के बैंकिंग, मौद्रिक नीति और अर्थशास्त्र के टिकी और 11,646.96 करोड़ का कर्ज किसानों के सिर से उतर गया। अब जरा आज की तस्वीर पर गौर करें। Kamal Nath for farmers loan आज स्थिति यह कि किसान पिछले एक महीने में यूरिया में मिल पाने के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे है। नकली खाद और बीज किसानों के लिये दूसरा बड़ा संकट हैं। तीसरी समस्या यह आ गई है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार और किसानों ने मिलकर खरीब 2024 में करीब 1792 करोड़ रूपये फसल बीमा का प्रीमियम दिया। उसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने माना कि सोयाबीन की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। लेकिन बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्व का बहाना बनाकर इसे खारिज कर दिया और किसानों को बीमा क्लेम के नाम पर 100-200 रुपये पकड़ा दिये। Kamal Nath for farmers loan 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से किसानों के साथ लगातार यही हो रहा है। ऐसे में जरूरत इस बात की है किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये मौजूदा सरकार सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी करे और इसके लिगे कमलनाथ मॉडल को अपनाए। इसी तरह बीमा कंपनियों पर भी कमलनाथ के अनुभव का लाभ लेते हुए लगाम कसे। सरकार को यह समझना होगा कि जम किसान का कर्ज माफ किया जाएगा तो किसान के पास कुछ पैसा बचेगा। इसी पैसे को किसान बाजार में खर्च करेगा और इससे आर्थिक गतिविधि का पहिया घूमेगा। आर्थिक गतिविधि के लिये पूंजी का गतिमान होना बहुत जरूरी है। अगर एक 10 का नोट एक व्यक्तिकी जेब में है तो वह सिर्फ 10 रूपये है। लेकिन अगर किसान ने 10 रूपये ऑटो वाले को दिये, ऑटो बाले ने परचून वाले को दिये, परचून वाले बच्चे की स्कूल फीस में दिवे, स्कूल वालों ने ऐसे स्टेशनरी चाले को दिये और स्टेशनरी वाले किसान से गेहूं खरीदा तो पांच हाथों से गुजरकर यह 10 रूपये 50 रूपये की आर्थिक गतिविधि कर देते हैं। इसी को वेलोसिटी ऑफ रूपो कहते हैं। Read more: करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य इसलिये बेहतर होगा कि मध्य प्रदेश सरकार हर महीने 5000 करोड़ रूपये का कर्ज लेने के बजाय किसानों का कर्ज माफ करे और किसानों की जेब में पैसा पहुंचाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज करे। मुझे लगता है कि सरकार अगर इस संबंध में कमलनाथ से कोई सलाह मांगेगी तो वे प्रदेश हित में जरूर सलाह देंगे। MP SAMWADmpsamwad.in