मंत्री प्रहलाद पटेल के गढ़ का बीजेपी नेता 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ाया, पुलिस ने की कार्रवाई

मंत्री प्रहलाद पटेल के गढ़ का बीजेपी नेता 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ाया, पुलिस ने की कार्रवाई

A BJP leader from Minister Prahlad Patel’s stronghold was caught red-handed accepting Rs 20,000; police took action. नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी के साथ अब भाजपा नेता भी झूठे मामले सुलझाने के लिए पैसों की डिमांड करने लगे हैं। ऐसा ही मामला नरसिंहपुर से सामने आया है। जहां भाजपा नेता दुष्कर्म के झूठे मामले से बचाने की एवज में 20 हजार रुपए मांग रहा था। स्टेशनगंज पुलिस ने फर्जी दुष्कर्म के मामले में फंसाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। रुपए लेने वाला भाजपा का नेता बताया जा रहा है। जो कि पार्टी के टिकट पर शहर के मुशरान वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। दरअसल, शिकायतकर्ता राजेश जैन निवासी धनारे कॉलोनी गली नंबर 3 ने बताया कि उसे छुट्टू उर्फ बृजेंद्र महाराज ने फोन कर अपने ट्रेवल्स ऑफिस बुलाया था। जिसके बाद वह पत्नी के साथ गुरुवार की दोपहर ट्रेवल्स के आफिस पहुंचे तो छुट्टू महाराज ने धमकाते हुए कहा कि महिला थाने में तुम्हारे खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज है। यदि बचना है तो पैसों का इंतजाम करो। इसी दौरान एक महिला पूना बाई पति महेंद्र चौधरी भी वहां आई जिसने खुद को शिकायतकर्ता बताया। साथ ही संदीप राजपूत भी मौके पर पहुंचा और दोनों ने मिलकर राजेश जैन से कहा कि केस से बचना है तो दो लाख रुपए देने होंगे, अन्यथा जेल जाना पड़ेगा। इस मामले की जानकारी राजेश और उसकी पत्नी ने पुलिस और अधिवक्ता संघ को दी। आरोपी को पकड़ने के लिए एसपी ने एसडीओपी के निर्देशन में एक टीम बनाई। रात को जब पीड़ित राजेश नया बस स्टैंड पहुंचे तो उन्होंने छुट्टू महाराज को पांच-पांच सौ के नोट के रूप में 20 हजार रुपए दिए। इसके बाद आरोपी ने किसी को फोन पर इसकी जानकारी दी। कहा कि बाकी रुपए कल देगा। इसी दौरान जब आरोपी ने रुपए गिनने शुरू किए तो आगे-पीछे से आए पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। पुलिस को देखते हुए आरोपी का कहना था कि वह तो नोट गिनने में मदद कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने एक न सुनी और उसे थाने लाया गया, पूरे घटनाक्रम का पुलिस ने वीडियो भी बनाया है। इधर, भाजपा नेता को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद थाने से छोड़ दिया गया। पीड़ित को आरोपी घर जाकर शिकायत वापस लेने की धमकी दे रहा है। जिसको लेकर पीड़ित ने एसपी को शिकायती आवेदन दिया है। कांग्रेस ने ली चुटकीमध्यप्रदेश कांग्रेस ने एक्स हैंडल पर लिखा कि मध्यप्रदेश में भाजपाई जो ना करें, वही कम है। हर गोरखधंधे में कहीं ना कहीं कोई भाजपाई सामने आ जाता है। नरसिंहपुर में भाजपा नेता छुट्टू महाराज को पुलिस ने रेप केस में फंसाने के नाम पर वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है। हर तरह के अपराध में भाजपाइयों की संलिप्तता यह बताती है कि सत्ता के संरक्षण में नेताओं ने वसूली को हथियार बना लिया है। MP SAMWADmpsamwad.in

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

Kamal Nath for farmers loan waiver model is essential for farmers. भोपाल। Kamal Nath for farmers loan मध्य प्रदेश आज भी एक कृषि प्रधान राज्य है, वहां करीब 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद प्रदेश में किसानों को चुनौतियां बढ़ती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सत्ताधारी पाजपा ने किसानों से जो भी यादे किये वे निभाए नहीं। न तो वादे के मुताबिक 2022 में किसानों की आमदनी पुगनी हुई उऔर न ही 2023 के विधानसभा चुनाव में गेहूं और धान का यह न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया, जिसका वादा भाजपा ने किया चा। सवकि इस दौरान कृषि लागत लगातार बढ़ती गई है। ऐसे में जरूरी है कि पलटकर देखा जाए कि प्रदेश के किसानों के हित के लिए अत्तील में कौन से बढ़िया काम हुए थे और क्या उन्हें दुहराया जा सकता है। Kamal Nath for farmers loan पाठकों को याद होगा कि दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी के आदेश पर दस्तखत किये थे। कर्ज में फंसे किसानों का पूरा अध्ययन करने के बाद कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों का कर्म माफ कर दिया था। प्रदेश के इतिहास में यह सबसे बाते कर्न माफी योजना थी। कमलनाथ सरकार ने दो चरणों में करीब 27 लाख डिसानों का कर्ज माफ किया था, जो प्रदेश के लिये अपने आप में एक रिकॉर्ड है इस योजना के पहले चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों का कर्ज माफ किया था और दूसरे चरण में 6 लाख 72 हमार 245 किसानों का कर्ज माफ किया गया। इस तरह करीब 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया। कमलनाथ अगले चरण में और भी किसानों का कर्ज माफ करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस बीए उनकी सरकार गिरा की गई। Kamal Nath for farmers loan इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि कमलनाथ ने किसानों का कर्ज तो साफ किया लेकिन राजकोष पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। कर्जमाफी के पाले चरण में 7108.96 करोड़ रूपये और दूम चरण में 4538,03 करोड़ रूपये यानी कुरा मिलाकर 11,646.96 करोड़ रूपये के किसान कर्ज माफ किये गए। देवास, खरगोन, मंदसौर, सीहोर और विदिशा जिलों में तो एक-एक लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया गया। छिंदवाड़ा में करीब 75 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया। मध्य प्रदेश जैसे राज्य के लिये यह काफी बड़ी संख्या है और खासकर कमलनाथ सरकार की जिस तरह का खाली खजाना मिला था, उसमें तो यह और बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस चुनौती से निपटने में कमलनाथ का अनुभव काम आया था। छिंदवाड़ा से 40 साल तक सांसद रहने के कारण ये किसानों की जरूरतों को बखूयी जानते थे, तो दूसरी तरफ देश के वाणिज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव बैंकों पर नकेल कसने में काम आया। कमलनाथ ने बैंकों से कहा कि वे उसी तरह किसानों का कर्ज माफ करें जिस तरह के कोपटि का कि संपूर्ण बकाया राशि की जगह बैंक एका कर्ज माफ करते हैं। इसका मतलब यह या ऐसी राशि पर समझौता करें तो बैंक और राज्य सरकार दोनों को मंजूर हो। कमालनाय बारीक ज्ञान के सामने बैंकों की दलीलें नहीं के बैंकिंग, मौद्रिक नीति और अर्थशास्त्र के टिकी और 11,646.96 करोड़ का कर्ज किसानों के सिर से उतर गया। अब जरा आज की तस्वीर पर गौर करें। Kamal Nath for farmers loan आज स्थिति यह कि किसान पिछले एक महीने में यूरिया में मिल पाने के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे है। नकली खाद और बीज किसानों के लिये दूसरा बड़ा संकट हैं। तीसरी समस्या यह आ गई है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार और किसानों ने मिलकर खरीब 2024 में करीब 1792 करोड़ रूपये फसल बीमा का प्रीमियम दिया। उसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने माना कि सोयाबीन की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। लेकिन बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्व का बहाना बनाकर इसे खारिज कर दिया और किसानों को बीमा क्लेम के नाम पर 100-200 रुपये पकड़ा दिये। Kamal Nath for farmers loan 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से किसानों के साथ लगातार यही हो रहा है। ऐसे में जरूरत इस बात की है किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये मौजूदा सरकार सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी करे और इसके लिगे कमलनाथ मॉडल को अपनाए। इसी तरह बीमा कंपनियों पर भी कमलनाथ के अनुभव का लाभ लेते हुए लगाम कसे। सरकार को यह समझना होगा कि जम किसान का कर्ज माफ किया जाएगा तो किसान के पास कुछ पैसा बचेगा। इसी पैसे को किसान बाजार में खर्च करेगा और इससे आर्थिक गतिविधि का पहिया घूमेगा। आर्थिक गतिविधि के लिये पूंजी का गतिमान होना बहुत जरूरी है। अगर एक 10 का नोट एक व्यक्तिकी जेब में है तो वह सिर्फ 10 रूपये है। लेकिन अगर किसान ने 10 रूपये ऑटो वाले को दिये, ऑटो बाले ने परचून वाले को दिये, परचून वाले बच्चे की स्कूल फीस में दिवे, स्कूल वालों ने ऐसे स्टेशनरी चाले को दिये और स्टेशनरी वाले किसान से गेहूं खरीदा तो पांच हाथों से गुजरकर यह 10 रूपये 50 रूपये की आर्थिक गतिविधि कर देते हैं। इसी को वेलोसिटी ऑफ रूपो कहते हैं। Read more: करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य इसलिये बेहतर होगा कि मध्य प्रदेश सरकार हर महीने 5000 करोड़ रूपये का कर्ज लेने के बजाय किसानों का कर्ज माफ करे और किसानों की जेब में पैसा पहुंचाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज करे। मुझे लगता है कि सरकार अगर इस संबंध में कमलनाथ से कोई सलाह मांगेगी तो वे प्रदेश हित में जरूर सलाह देंगे। MP SAMWADmpsamwad.in

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

Shivraj Singh Chouhan’s favourite Sehore MLA Sudesh Rai owns property worth crores भोपाल। Sehore MLA Sudesh Rai साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 230 विधायकों में 205 करोड़पति हैं। विधायकों की संपत्ति साल दर साल बड़ी है। मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायकों की सीरीज में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर के विधायकों की सम्पत्ति कई गुना बड़ी है। Sehore MLA Sudesh Rai 74.71 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जो सीहोर सीट से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में सुदेश राय ने अपनी संपत्ति 74 करोड़ 71 लाख 38 हजार 89 रुपये बताई थी, जबकि उनकी देनदारी 2 करोड़ 75 लाख 7 हजार 785 रुपये थी। राय की संपत्ति 5 साल में 7.20 करोड़ रुपये बढ़ गई है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 67 करोड़ 51 लाख 29 हजार 525 रुपये बताई थी। चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुदेश राय के नाम पर 24.17 करोड़ रुपये की 59.125 एकड़ खेतीहर जमीन है, जबकि उनकी पत्नी के नाम भी 4.04 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है। इसके अलावा उनके पास 21.33 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 96.42 लाख की नॉन-एग्रीकल्चर जमीन है। Read more: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट ,सरकार ने अपनी छवि चमकाने पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर पानी की तरह बहाया पैसा सुदेश राय के नाम पर सीहोर में 1.09 करोड़ रुपये का एक घर है, जो 3472 स्क्वायर फीट में बना है। उनके पास सीहोर में इंदौर-भोपाल रोड पर एक कमर्शियल बिल्डिंग भी है, जिसकी कीमत उन्होंने एफिडेविट में 10.51 करोड़ रुपये बताई थी। सुदेश राय को महंगी कार का भी शौक है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने 2 कारों का जिक्र किया था। इसमें 21.74 लाख रुपये की कीमत की फोर्ड एंडेवर और 1.29 करोड़ रुपये की मर्सडीज शामिल है। सुदेश राय के पास 200 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 2023 में उन्होंने 11 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 27.5 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 2 किलो 70 ग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत साल 2023 में 1.5 लाख रुपये थी। Sehore MLA Sudesh Rai ने 2013 में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2018 और 2023 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

RSS के सह सरकार्यवाह का विवादित बयान बोले – बोले ‘भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती’

RSS’s co-general secretary made a controversial statement, saying, “Saying Bharat Mata ki Jai doesn’t make one patriotic.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती है। जीवन के हर पल, हर क्षण जब मैं समाज और देश के लिए कुछ करता हूं तो उसे राष्ट्रभक्ति कहते हैं। उन्होंने कहा- आज हमारे समाज के अंदर बहुत सारी शक्तियां ऐसी हैं, जो इस समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। जगह-जगह जातियों के आधार पर समाज को लड़ाने के प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश पर एक हजार साल या तो विदेशी शक्तियों का शासन था या उनके प्रभावों के आधार पर शासन चला, लेकिन पहली बार उन्हें लग रहा है कि हमारा अस्तित्व खतरे में है। यह समझकर उन्होंने रणनीति बदल ली है। सब एकत्र हो गए हैं और उन्होंने अपना एक कॉमन दुश्मन भारत, हिंदू और संघ को मान लिया है। संघ पर प्रश्न कैसे खड़े किए जाएं। इसके लिए सोशल मीडिया, मीडिया में आप देख रहे हैं, कई प्रयास चल रहे हैं। जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा नगर की हेडगेवार बस्ती में गुरुवार को विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ये बातें कही। सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- हर व्यक्ति को अपने मन में विचार करना चाहिए कि आज मैंने देश के लिए क्या किया, आज मैंने समाज को क्या दिया। दुर्भाग्य से सारा समाज मैं, मेरा परिवार, आत्मकेंद्रित, समाज से उदासीन, यही चारों तरफ का वातावरण दिखाई देता है। ईर्ष्या, द्वेष, गुटबाजी पता नहीं कब समाज के अंदर आ गई। उन्होंने कहा- चार व्यक्ति मिलकर एक मंदिर बनाने का अच्छा काम शुरू करते हैं। दो ग्रुप हो जाते हैं, सब धार्मिक हैं, सब आस्थावान हैं, लेकिन आपस में लड़ते हैं। समाज के अंदर पता नहीं किस कालखंड में आत्मविश्वास खत्म हो गया। अरुण कुमार ने कहा- समाज में जो शक्तियां देश को तोड़ना चाहती है। इस भारत को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है। उसे हमें समझना होगा। हम महापुरुषों के नाम पर लड़ना शुरू कर देते हैं। आरक्षण के नाम पर समाज आमने-सामने खड़े जाते हैं। उन्होंने कहा- समाज के अंदर नॉन इश्यूज को लेकर बहुत बड़े-बड़े आंदोलन खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में समाज बांटने के प्रयास ओर बढ़ेंगे। इसके प्रति भी जागरूक रहना होगा। MP SAMWADmpsamwad.in

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

Bjp अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को PIC से किया बाहर ,भाजपा आपसी खींचतान के चलते

The BJP president expelled councillors from his own party from the PIC due to internal infighting within the BJP. मध्य प्रदेश के गुना में भाजपा आपसी खींचतान खुलकर सामने आई। नपा परिषद अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को सबक सिखाते हुए पीआईसी से बाहर किया और जातीय समीकरण साधते हुए नए सदस्य जोड़े। BJP Faction War: गुना नगरपालिका परिषद (Guna Municipal Council) में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों भाजपा के अधिकतर पार्षदों ने अपनी ही नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव विपक्ष के साथ मिलकर गिरा दिए थे। आठ पार्षद केवल नगर पालिका अध्यक्ष के साथ थे। इसके बाद् भाजपा पार्षदों में रार बढ़ गई। इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष ने उन पार्षदों को सबक सिखाने के लिए प्रेसीडेंट इन काउंसिल (पीआइसी) से छुट्टी कर दी है। इसमें पीआइसी के सदस्य रहे दिनेश शर्मा, अलका कोरी, अजब बाई लोधा और सुमन लोधा को हटाया गया है। उनकी जगह विनोद लोधा, राजकुमारी जाटव, अनीता कुशवाह, कीर्ति सरवैया को पीआइसी में प्रभारी के रूप में शामिल किया है। पीआइसी सदस्यों के बदले गए विभागनई पीआइसी में कई सदस्यों के भी विभाग बदल दिए हैं। पीआइसी की किसी भी समिति या विभाग में कांग्रेस की पार्षद रश्मि शर्मा को शामिल नहीं किया है। पार्षदों के बीच यह चर्चा है कि पीआइसी के फेरबदल का मामला स्थानीय संगठन के साथ-साथ भाजपा प्रदेश संगठन के पास भेजा जा सकता है। वहीं अध्यक्ष इस फेरबदल का कारण भाजपा के रीति-नीति के अनुसार जातिगत समीकरण और महिलाओं का प्रतिनिधित्व देने वाला बता रही है। गुटबाजी के चलते किया गया बदलावनपा अध्यक्ष के अनुसार स्वास्थ्य समिति के प्रभारी दिनेश शर्मा, सामान्य प्रशासन समिति की प्रभारी अलका कोरी, शहरी गरीबी उपशमन विभाग की प्रभारी सुमन लोधा और यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी अजब बाई लोधा को अध्यक्ष ने पीआइसी सदस्य बनाया था। लेकिन लगातार विवाद और गुटबाजी चलते बदलाव किया गया है। विरोध के चलते पास नहीं हो पाए थे कई प्रस्तावपिछले दिनों हुई नगरपालिका परिषद की बैठक में रेलवे को पानी दिए जाने, शहर की मुख्य सड़कों के डामरीकरण किए जाने आदि प्रस्ताव को भाजपा पार्षद दल की आपसी गुटबाजी के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। ऐसे ही पूर्व में 19 सितंबर को होने वाली नगरपालिका परिषद की बैठक आपसी सहमति न बनने और विवाद होने के कारण स्थगित कर दी थी। भाजपा कई पार्षद विवाद के बाद शिकायत करने पुलिस थाने भी पहुंच गए थे। अब ये है नई पीआइसी नई पीआईसी में राजकुमारी जाटव, राजू ओझा, अनीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा, कीर्ति सरवैया, बबीता साहू को शामिल किया है।सामान्य प्रशासन विभाग समिति की प्रभारी राजकुमारी जाटव होंगी, तथा सदस्य के रूप में बबीता साहू, अनीता कुशवाह, अलका कोरी. राजू ओझा. नीता कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद लोधा होंगे। जल कार्य एवं सीवरेज विभाग के प्रभारी राजू ओझा को बनाया है। सदस्य के रूप में सुशीला कुशवाह. संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह. फूलबाई ओझा, राममूर्ति कुशवाह, तरुण सेन, नीता कुशवाह है।लोक निर्माण एवं उद्यान, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभारी अनीता कुशवाह हैं। इसमें सदस्य के रूप में अलका कोरी. सुमन लोधा, राधाबाई कुशवाह, संध्या सोनी. राजकुमारी जाटव, सुनीता शर्मा, तरुण मालवीय हैं।राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग के प्रभारी कैलाश धाकड़ होंगे। सदस्य के रूप में महेश कुशवाह, ओमप्रकाश कुशवाह, कीर्ति सरवैया, नीता कुशवाह, रमेश भील, दिनेश शर्मा, विनोद लोधा शामिल हैं। स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबर्धन विभाग के प्रभारी विनोद लोधा होंगे, सदस्य के रूप में ममता तोमर, तरन्नुम खान, कृष्णा मौर्या, फूलबाई ओझा, संध्या सोनी, ओमप्रकाश कुशवाह, अनीता कुशवाह शामिल रहेंगे।योजना यातायात परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रभारी कीर्ति सरवैया को बनाया गया है। इनके साथ सदस्य के रूप में शेखर वशिष्ठ, बृजेश राठौर, सचिन धूरिया, राजू ओझा, नीता कुशवाह. सुशीला कुशवाह, बबीता साहू शामिल हैं।शहरी गरीबी उपशमन विभाग में बबीता साहू प्रभारी रहेंगी। इसमें अजब बाई लोधा, सुनीता रघुवंशी, हलीम गाजी, रामवीर जाटव, अनीता कुशवाह, नीता कुशवाह को शामिल किया गया है। MP SAMWADmpsamwad.in