भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली। एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया।कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल में सम्पन्न हुआ धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन

Dhaulpura Provincial Youth-Girl Introduction and Love Conference held in Bhopal विशेष संवाददाता राम मेहराभोपाल। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित धौलपुरा प्रांतीय युवक–युवती परिचय एवं स्नेह सम्मेलन आज रविवार को भोपाल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। यह कार्यक्रम रीगल ग्राउंड, सिविक सेंटर, अवधपुरी पिपलानी में प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, युवक–युवतियां और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के युवक–युवतियों को एक सकारात्मक और संस्कारित मंच प्रदान करना, पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान युवक–युवतियों का सुव्यवस्थित परिचय कराया गया, जिससे समाज के लोगों को आपसी संवाद और वैवाहिक संबंधों के लिए सार्थक अवसर मिला। कार्यक्रम में राष्ट्रीय, प्रांतीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन आज के समय की आवश्यकता हैं, जिससे समाज में परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बना रहे और युवाओं को सही दिशा मिल सके। महिला एवं युवा मोर्चा की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया। सम्मेलन का माहौल स्नेह, सहयोग और सामाजिक सौहार्द से परिपूर्ण रहा। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सम्पूर्ण सनातन ब्राह्मण महासभा के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठित प्रयासों से समाज को नई दिशा और मजबूत आधार दिया जा सकता है। MP SAMWADmpsamwad.in

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार- नगर निगम हो, भोपाल मेट्रो या फिर पीडब्ल्यूडी… सभी में हुई घपलेबाजी

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation, the Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?” MP SAMWADmpsamwad.in

राज्यरानी समेत 8 ट्रैने जल्दी ही भोपाल से नहीं बल्कि रानी कमलापति स्टेशन से चलेंगी

राज्यरानी समेत 8 ट्रैने जल्दी ही भोपाल से नहीं बल्कि रानी कमलापति स्टेशन से चलेंगी

8 trains including Rajya Rani will soon run from Rani Kamlapati station instead of Bhopal. भोपाल। रेलवे प्रशासन कुछ ट्रेनों का संचालन भोपाल स्टेशन की जगह अब रानी कमलापति स्टेशन (RKMP) से शुरू करने की तैयारी में है। इसका सबसे ज्यादा फायदा नए भोपाल की कुछ कॉलोनियो की बजाय रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के ठेकेदार को होगा। जिन ट्रेनों के शिफ्ट होने की जानकारी सामने आ रही है। उसके मुताबिक, भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस, ग्वालियर इंटरसिटी, विंध्याचल एक्सप्रेस सहित कुल 8 प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इनके चलने के समय में परिवर्तन होगा या नहीं, रेलवे ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है। रेलवे इस प्रस्ताव पर फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। अगर अध्ययन में यात्रियों की डिमांड अधिक पाई गई और आरकेएमपी स्टेशन पर नया पिट लाइन बनने के बाद संचालन में दिक्कत नहीं हुई, तो ट्रेनों की शिफ्टिंग कर दी जाएगी। रेल अधिकारियों के अनुसार, इन आठ ट्रेनों से प्रतिदिन करीब 12,000 यात्री एक तरफ से यात्रा करते हैं।हालांकि इस नई व्यवस्था से आंशिक तौर पर नर्मदापुरम रोड, अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, गुलमोहर, बावड़िया कला में रहने वाले करीब 2.5 लाख यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। भोपाल स्टेशन से ये 8 ट्रेनें होंगी शिफ्ट MP SAMWADmpsamwad.in

छठ महोत्सव में लोक आस्था और संस्कृति का संगम: आनंद नगर में छठ मैया जागरण ने बाँधा समां

Chhath Festival is a confluence of folk faith and culture: Chhath Maiya Jagran enthralled the audience in Anand Nagar. डॉ. राजेंद्र प्रसाद भोजपुरी एकता मंच द्वारा आयोजित छठ पूजा महोत्सव के अंतर्गत आनंद नगर पुलिस चौकी के सामने एक भव्य छठ मैया जागरण का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बना, बल्कि भोजपुरी लोक संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत की। बिहार से आमंत्रित प्रसिद्ध लोक गायकों ने छठी मैया के पारंपरिक गीतों से ऐसा समां बाँधा कि पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। “उग हे सूरज देव” और “केलवा के पात पर” जैसे गीतों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हर गीत में प्रकृति, मातृत्व और आस्था की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। महिलाएं पारंपरिक साज-सज्जा में, सूप और दउरा लिए, गीतों पर झूमती रहीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग ने इस जागरण को एक आध्यात्मिक उत्सव की तरह आत्मसात किया।मंच के अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम सिंह ने कहा, “छठ केवल एक पर्व नहीं, यह हमारी लोक चेतना, मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का उत्सव है। हमारा प्रयास है कि इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए, ताकि हमारी जड़ें और मजबूत हों।” MP SAMWADmpsamwad.in

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। Death on the roads मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक Death on the roadsयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट Death on the roadsखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी Death on the roadsराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था। MP SAMWADmpsamwad.in

कितना बदलेगा भोपाल निगम, जल्द सच आ जाएगा सामने

How much will change in Bhopal Corporation, the truth will come out soon भोपाल। भोपाल नगर निगम में नई अधिकारी की जल्द आमद होने वाली है। जो आईएएस अधिकारी संस्कृति जैन भोपाल आने वाली हैं, अभी तक सिवनी जिले की कलेक्टर थीं। उनकी विदाई के दौरान उन्हें वहां की जनता ने खूब सम्मान दिया है, जिसकी चर्चा प्रदेशभर में हो रही है। वैसे भोपाल नगर निगम महिला अधिकारियों के लिए मुफीद नहीं बन सका है। बात करें महपौर आलोक शर्मा के कार्यकाल की, तो आईएएस छवि भारद्वाज आयुक्त थीं। आलोक पूर्व सीएम शिवराज के नजदीकीर रहे थे। उन्होंने छवि को प्रेसर पॉलिटिक्स के चलते काम नहीं करने दिया। वे सोमवार को भानपुर खंती का दौरा करने वाली थीं। यह खबर जैसे ही आलोक को लगी, तो उन्होंने उसके पहले ही रविवार रात को उनका तबादला करवा दिया। इसके बाद प्रियंका दास आईं। उन्होंने निगम की माली हालात को सुधारने के लिए खूब मेहनत की। डीजल चोरी रोकना उनके लिए भारी पड़ गया। इनसे आलोक की पटरी नहीं खाई। आनन-फानन में अलोक ने उनको भी विदा कर दिया।  आमने-सामने होंगी दोनों महिला  नेता और अफसर अब महिला महापौर मालती राय हैं। जो राजधानी के एक मंत्री की खास हैं। हरेंद्र नारायण निगम के लचर ढर्रे को सुधारने में लगे रहे। वे ज्यादा सिफारिश पसंद नहीं करते थे। इसी दौरान उपयुक्त निधि सिंह की निगम में आमद हुई। उनका सख्त रवैया महापौर समेत उनके समर्थक पार्षदों को पसंद नहीं आया। उनका महापौर लॉबी ने विरोध करते हुए निंदा प्रस्ताव पास कर दिया और सख्त अंदाज वाली महिला अधिकारी को भागने मजबूर कर दिया था। इस लिहाज से देखें तो भोपाल निगम महिला अधिकारी के लिए ग्रहणकारी रहा है। हरेंद्र नारायण से भी उनकी सही बैठक नहीं चल पाई। हालांकि उन्हें सरकार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर बना दिया है। अब सिवनी कलेक्टर आईएएस संस्कृति जैन पदभार सभालने वाली हैं। इस बार ऐसा होगा कि महापौर और आयुक्त दोनों ही महिला आमने-सामने राजधानी की नगर सरकार चलाएंगी। इससे सवाल उठता है कि क्या नगर की सूरत बदलेगी या फिर धक्कापलेट गाड़ी ही चल पायेगी, लेकिन यह कितने दूर चलेगी कह पाना मुश्किल है।वैसे राजधानी भोपाल में  प्रशासनिक कार्यों के दबाव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भारी रहता है।  निगम को घुन की तरह लगा है भ्रष्टाचार  भोपाल नगर निगम में भ्रष्टाचार की बेल बहुत बड़ी है। क्योंकि इसी की दम पर ही निगम चल रहा है। नगर निगम के कारनामो से अखबार के पन्ने डेली भरे रहते हैं। इस पर लगाम लगाना किसी के बस की बात नहीं है। वे इसको रोकने में कितनी कामयाब होंगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। भोपाल की जनता उनकी ईमानदारी की छवि देखने के लिए तैयार है। देखना यह है कि निगम में पूर्व में जिस तरह महिला अफसरों के साथ हुआ है, उसको रोकने में वे कितनी सफल होंगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा।  माना जा रहा है नई कमिश्नर जिनकी छवि एक ईमानदार अधिकारी की बनी हुई है। वे सिवनी से ट्रांसफर होकर भोपाल आ रही है। सिवनी से उन्हें गाजे- बाजे के साथ विदाई मिल गई है. संभवतः वे सोमवार को पद ग्रहण कर लेंगी। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे।गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी। MP SAMWADmpsamwad.in