Petrol Diesel Price 10 October 2025: पेट्रोल-डीजल 4 रुपए महंगा, वाहन मालिकों के अच्छे दिन खत्म, जानिए आपके शहर में क्या है रेट

बिजनेस: Petrol Diesel Price 10 October 2025 ताबड़तोड़ बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने एक बार फिर आम जनता को जोर का झटका दिया है। दरअसल दिवाली से पहले सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दिया है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार पेट्रोल कीमत में 4.07 रुपए और डीजल के दाम में 4.04 रुपए बढ़ गए हैं। पेट्रोल डीजल के नए रेट 1 अक्टूबर से लागू कर दिए गए हैं। Petrol Diesel Price 10 October 2025 मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के रेट में 4.07 रुपए बढ़ाया है, जिसके बाद दाम ₹268.68 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की बात करें तो 4.04 रुपए महंगा होने के बाद ग्राहकों को प्रति लीटर 276.81 रुपए चुकाने होंंगे। सरकार की मानें तो ईंधन की कीमतों को हर दो सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार के रुझानों, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और घरेलू कराधान में बदलाव के आधार पर समायोजित किया जाता है। बता दें कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का महंगाई (Inflation) पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि यह उत्पादन और परिवहन लागत को बढ़ाता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं। वित्त मंत्रालय ने एक दिन पहले अपने मासिक आर्थिक दृष्टिकोण में नोट किया था कि बाढ़ से संबंधित व्यवधान खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे उपभोक्ता कीमतें बढ़ सकती हैं।

जिला अस्पताल में में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन शव नहीं ले गए, मज़बूरी में रुपये देकर निजी एम्बुलेंस करनी पड़ी

There were four hearse vehicles parked at the district hospital, but they couldn’t take the bodies. We were forced to pay money and hire a private ambulance. देवास। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य सुविधा की गरीबों तक पहुँच होने के लाख दावे करें, लेकिन जमीन पर वह सच्चाई झूठी साबित हो रही है। ऐसा ही मामला देवास जिला अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस की बड़ी लापरवाही का सामने आया है। जहाँ मृतक के परिजन शव ले जाने के लिए घंटो एम्बुलेंस की रह ताकते रहे, लेकिन जिला अस्पताल परिसर में रखी 4 एम्बुलेंस में से एक भी नहीं आई। सूत्र बताते हैं की चारों ड्राइवर एक चाय की दुकान पर बैठकर यह सब अनजान बनकर देखते रहे और परिजन बिलखते रहे। जिले के बरोठा थाना इलाके के सिरोल्या गांव में एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गुरुवार को जिला अस्पताल में बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिजन को करीब दो घंटे तक शव वाहन नहीं मिला। हैरानी की बात ये है कि उस वक्त अस्पताल में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन फिर भी परिजन को कार से बुजुर्ग का शव घर ले जाना पड़ा। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य ने दुखी मन से दोषियों पर कार्रवाई करने और शव वाहन सेवा बंद करने की मांग प्रशासन और सरकार से की है।शव वाहन के लिए परेशान होते रहे परिजन जानकारी के अनुसार बरोठा निवासी बुजुर्ग प्रकाश मंडलोई ने बुधवार शाम खेत पर फांसी लगा ली थी। इसके बाद बरोठा पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा था। गुरुवार सुबह पीएम के बाद परिजन शव वाहन के लिए परेशान होते नजर आए। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में 4 शव वाहन है और उस समय शव वाहन खड़े भी थे, लेकिन ड्राइवर नहीं होने से मृतक के परिजन परेशान होते रहे। मृतक के भतीजे राकेश मंडलोई ने बताया हमने 108 पर सूचना दी, लेकिन दो घंटे तक कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट में आने की बात कहते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।मृतक के परिजन बोले- बंद कर दें ये व्यवस्था रोते हुए राकेश ने कहा कि मैं प्रदेश के मुखिया से निवेदन करता हूं कि गरीब लोगों को यह व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। एक घंटे से हम परेशान हैं। परिजन घर पर रो रहे हैं, लेकिन 108 एम्बुलेंस आने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि यह व्यवस्था बंद कर दी जाए। कलेक्टर से निवेदन है कि इन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उधर मामले में आरएमओ डॉ अजय पटेल ने बताया संबंधित कंपनी के को ऑर्डिनेटर को शोकांत नोटिस जारी किया गया है।

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची?

कफ सिरप मौत कांड : मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवारों को नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दी 50 हजार की सहायता

Cough syrup death case: Leader of Opposition Singhar gives Rs 50,000 each to the families of the deceased children. भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और कफ सिरप से मृत हुए बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की और दुख की घड़ी में उनका ढाँडस बंधाया। सिंघार ने मृत बच्चे के प्रत्येक परिवार को ₹50,000 की सहायता देने की बात कही।  उन्होंने इस लापरवाही के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते तो इन शोक में डूबे परिवारों की आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन यह गरीब परिवार हैं इसलिए वे इनकी मदद नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अमीरों की है और उन्हीं की मदद करती है। विदेशों में दौरे करने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहाती है, लेकिन इनकी मदद करना उचित नहीं समझती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने दौरे की जानकारी अपने सोशल अकाउंट x पर दी।  उमंग ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप पीने से मासूम बच्चों की हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि, कई परिवार इलाज के दौरान लाखों के कर्ज़ में डूब गए हैं। मैंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए हर मृत बच्चे के परिवार को ₹50,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं है।  मुख्यमंत्री डॉ यादव आप अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मृत बच्चों के शोकग्रस्त परिजनों को भी सम्मानजनक आर्थिक सहायता दें, तभी सच्ची सहानुभूति मानी जाएगी, अन्यथा यह सिर्फ दिखावा है। सिंघार ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया दवाओं की सप्लाई ने इन मासूमों की जान ली। परासिया में फैली यह त्रासदी न केवल सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था में इतने बड़े पैमाने पर चूक कैसे हुई। प्रदेश में अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, जबकि पीड़ित परिवार अब भी न्याय और राहत की आस में हैं।

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

The High Court reprimanded the Principal for not declaring public participation employees as permanent employees. भोपाल। प्रदेश क़े शासकीय महाविद्यालयों मे कई वर्षो से कार्यरत जनभागीदारी के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी स्थाईकर्मी की श्रेणी नहीं दे रहा है। जबकि कुछ कॉलेजों ने इस श्रेणी का लाभ दे दिया है। जबकि कई शासकीय महाविद्यालयों क़े प्राचार्य द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। यानि वे मनमानी पर उतारू हैं। जिससे कर्मचारी फिर से उच्च न्यायालय की शरण ले रहे हैं।शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के प्राचार्य की कर्मचारी विरोधी सोच का मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा महाविद्यालयीन जनभागीदारी कर्मचारी संघ मप्र के राजगढ़ जिले के सदस्य हितेश गुरगेला ने बताया कि इंदौर महाविद्यालय की जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों ने स्थाई कर्मी योजना से लाभान्वित करने उच्च न्यायालय इंदौर का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय इंदौर ने अंतिम निर्णय 20 दिसंबर 2024 को पारित किया था, लेकिन महाविद्यालय के प्राचार्य ने उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय का पालन नहीं किया। प्राचार्य के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की गई। बावजूद इसके प्राचार्य कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जिससे कार्यवाही लंबे समय तक खिंचती रही। हाइकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर प्राचार्य को तलब किया और फटकार लगाई। अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया है कि शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन ने जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतनभोगियों को स्थाईकर्मी योजना से लाभान्वित नहीं करने को लेकर तर्क दिए गए, लेकिन हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा है कि रिट याचिका में 20 दिसंबर 2024 को पारित आदेश को लगभग एक वर्ष बीत चुका है। यह स्थगन का आधार नहीं हो सकता है। पुनर्विचार याचिका लंबित है। अंतिम अनुमति के रूप में न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करें अन्यथा प्राचार्य के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। हाइकोर्ट ने दो सप्ताह बाद होने वाली आगामी सुनवाई से पहले कंप्लायंस करने के निर्देश प्राचार्य को दिए।

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

Bharatiya Buddhist Sangha will distribute one lakh free copies of the Constitution. भोपाल। भारतीय संविधान और नागरिकों के अधिकारों के बीच जन जागृति अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए संविधान की एक लाख प्रतियां नि:शुल्क वितरण करेगा। इसको लेकर भारतीय बौद्ध संघ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष इंजी. राकेश बमोरिया ने बताया कि संविधान तथा अपने अधिकारों के प्रति समस्त नागरिकों को जागृत कर आपसी प्रेम और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया जाना ही हमारा मूल उद्देश्य है। भगवान बुद्ध तथा संविधान रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आलोक संजर, विशेष अतिथि रीवा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद बुद्ध सेन पटेल, विशिष्ट अतिथि अपाक्स संगठन के अध्यक्ष एपी पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल किशोर आर्य, संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामचंद्र मारव्या तथा भोपाल जिला अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन आदि ने बिंदूबार चर्चा कर वितरण आयोजन को सफल बनाने रणनीति बनाई। कार्यक्रम में बृज किशोर दोंदेरिया, राजेश माहौर, रामलाल माहौर, राम प्रकाश माहोर, संघमित्रा ताई, प्रकाश डोंगरदिवे, डॉक्टर पवार, सुरेंद्र माहौर, पुष्पराज माहौर, प्रेम कुमार बंसल, रतनलाल बाथम, रनवीर गोयल, दिनेश जाटव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा गायक राजू भारती ने महापुरुषों के जीवन पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर सरोज सत्य विजय चन्दन, अभिजीत चन्दन, अभिषेक चन्दन सहित छात्र एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: हजारों की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार महिला अधिकारी

Lokayukta takes major action: Woman officer arrested red-handed while accepting bribe worth thousands Lokayukta Action: प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी घूस लेते लोकायुक्त पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो रहे है। ऐसा ही मामला मंदसौर जिले से सामने आया है। यहां बुधवार को लोकायुक्त ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। खबर लिखे जाने तक रिश्वतखोर अधिकारी पर लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी रही। लोकायुक्त पुलिस कार्रवाई से एक बार फिर शासकीय विभागों में रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को मंदसौर के काला खेत में सोसाइटियां में प्रबंधक प्रभुलाल वर्मा की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा रिश्वत लेते ट्रैप किया। प्रभुलाल वर्मा ने शिकायत की थी कि, सहकारिता उपायुक्त कार्यालय में बिल पास करने के एवज में महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा ने 40 हजार रूपए की मांग की। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में कार्रवाई फरियादी ने बुधवार से पहले 5 हजार रुपये रिश्वत की पहली किस्त के रूप में हिमांगनी शर्मा को दी थी। वहीं रिश्वत की दूसरी किस्त 15 हजार देते समय लोकायुक्त पुलिस ने महिला अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वतखोर अधिकारी को ट्रैप करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जारी है। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में ये कार्रवाई हुई है

मध्य प्रदेश आबकारी विभाग में  72 करोड़ का घोटाला ईडी दफ्तर में आरोपियों से पूछताछ जारी 

Rs 72 crore scam in Madhya Pradesh Excise Department, interrogation of accused continues in ED office  इन्दौर । करीब 72 करोड़ के आबकारी घोटाले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। अधिकारियों ने घोटाले में आरोपी तीन ठेकेदारों से पूछताछ की। साथ ही आबकारी विभाग के विवादास्पद वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। कई दस्तावेज के बारे में भी जानकारी ली गई। 72 करोड़ की धोखाधड़ी रावजी बाजार थाने में दर्ज केस के आधार पर ईडी के अधिकारियों ने दो आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच रावजी बाजार के केस में आरोपी रहे अभिषेक शर्मा, बलराम व जितेंद्र शिवरामे को भी तलब कर पूछताछ की बात सामने आई है। आबकारी विभाग में जमा होने वाली रसीदों में फर्जीवाडा कर 72 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। तत्कालीन सहायक आबकारी अधिकारी संजीव दुबे के कार्यकाल में यह घोटाला सामने आया था। पुलिस केस दर्ज होने के बाद कई ठेकेदार व कर्मचारियों पर केस दर्ज हुआ, लेकिन अधिकारियों की भूमिका तय नहीं हो पाई। अफसर का छूटा पसीना ईडी ने तत्कालीन बड़े अधिकारी को तलब किया। उनसे घोटाले के समय की प्रक्रिया नहीं करने को लेकर पूछताछ की व दस्तावेज भी लिए। पूछताछ के दौरान अधिकारी के पसीने छूट गए। अन्य जानकारियों के साथ उन्हें बुलाने की बात कहीं जा रही है। लंबी पूछताछ के बाद अधिकारी को गिरफ्तारी का डर सता रहा है और वे बचने के प्रयास में लग गए हैं। घोटाले के मास्टरमाइंड जांच के दौरान आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी के बारे में पता चला कि ये ही घोटाले के मास्टरमाइंड थे। इस समय दोनों उदयपुर में शराब कारोबार में जुड़े थे। वहां भी विला बनाकर किराए पर देने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की संपत्ति का भी ईडी ने पता लगाया है जिसके आधार पर जल्द अटैच करने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।

जबलपुर: भेड़ाघाट चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी की कोशिश:, मंदिर में बेशकीमती दुर्लभ प्रतिमाएं मौजूद

Jabalpur: Attempted theft at Bhedaghat Chausath Yogini Temple: Priceless rare statues are present in the temple. जितेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के पास मां नर्मदा नदी के तट पर हजारों साल पुराने चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी को कोशिश हुई है। अज्ञात चोरों ने कलचुरी काल के प्राचीन दरवाजे को काटने की कोशिश की, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। मंगलवार देर रात पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने घटना की जानकारी भेड़ाघाट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिन्होंने मंदिर के दरवाजे को काटने का प्रयास किया। प्रतिमाओं की कीमत लाखों रुपए में इस मंदिर को भारत की धरोहर कहा जाता है। मंदिर परिसर में हजारों साल पुरानी कलचुरी कालीन प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लाखों रुपए में आंका जाता है। यही वजह है कि शातिर चोरों की नजर अब इस प्राचीन धरोहर पर पड़ी है। सोमवार की रात जब धुआंधार में नर्मदा महोत्सव चल रहा था और सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा थे, उसी दौरान अज्ञात लोगों ने मंदिर के मुख्य लकड़ी के दरवाजे को किसी धारदार औजार से काटने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग के अधिकारी मंगलवार को मंदिर पहुंचे और जांच कर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद विभाग की ओर से भेड़ाघाट थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गार्ड चला गया था महोत्सव में, पहले भी चोरी हुई प्रतिमा स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरी का यह प्रयास संभवतः नर्मदा महोत्सव के दौरान ही हुआ। मंदिर की देखरेख के लिए नियुक्त चौकीदार रात में महोत्सव देखने चला गया था, तभी चोरों ने मौका पाकर दरवाजे को काटने का प्रयास किया। दरवाजे पर आरी जैसी किसी वस्तु से बने निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चोर दरवाजा पूरी तरह नहीं काट पाए और बिना कुछ चुराए ही भाग गए। भेड़ाघाट के निवासियों का कहना है कि चौसठ योगिनी मंदिर में भगवान शिव-पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे नंदी पर विराजमान हैं। ऐसी प्रतिमा पूरे विश्व में और कहीं नहीं मिलती। कुछ साल पहले भी यहां से शंकर-पार्वती की एक दुर्लभ प्रतिमा चोरी हो चुकी है, जो अब तक बरामद नहीं हुई। उस घटना के बाद भी मंदिर की सुरक्षा में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि यह प्राचीन मंदिर देश की अनमोल धरोहर है, इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और एक निगरानी समिति का गठन किया जाए, जो समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करे। पुरातत्व विभाग के पूर्व अधिकारियों के अनुसार, मंदिर की प्रतिमाएं और दरवाजे अत्यंत प्राचीन हैं, इसलिए उनकी वास्तविक कीमत का आकलन करना कठिन है, लेकिन उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता अपार है। अधीक्षण पुरातत्वविद् जबलपुर मंडल, शिवाकांत बाजपेयी ने बताया कि दरवाजे पर काटने के स्पष्ट निशान मिले हैं। जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में पाई गई खामियों को दूर किया जाएगा।

रेलवे स्टेशन में आटो चालको की दादागीरी, मेन गेट पर लगा देते है आटो

रेलवे स्टेशन में आटो चालको की दादागीरी, मेन गेट पर लगा देते है आटो

Auto drivers are showing their dominance at the railway station, they park their autos at the main gate. रीवा ! रीवा रेलवे स्टेशन में आटो चालको की दादागीरी इस कदर है कि कोई विरोध करे तो मारपीट पर उतारू हो जाते है. ट्रेन के आने पर स्टेशन के मुख्य द्वार तक आटो लेकर पहुंच जाते है और यात्रियो से बदसलूकी करते है.इतना ही नही निर्धारित किराये से कहीं ज्यादा मनमानी किराया वसूला जाता है. गौरतलब है कि रीवा रेलवे स्टेशन में सुबह से ट्रेन आने का सिलसिला शुरू होता है और रात तक वंदे भारत से लेकर अलग-अलग ट्रेने पहुंचती है. यात्री जब स्टेशन से बाहर निकलते है तो मुख्य द्वार पोर्च के नीचे सटा कर आटो चालक आटो खड़ा कर लेते है जिससे पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है. यात्रियो का बैग पकड़ कर जबरन खीचते है अगर कोई विरोध कर दे तो उसके साथ गुट बनाकर मारपीट करने पर उतारू हो जाते है. आटो खड़े करने का स्थान रेलवे द्वारा निर्धारित किया गया है, बावजूद इसके आटो अंदर तक लेकर पहुंचते है. आये दिन विवाद की स्थित यहा निर्मित होती है. आटो चालक न तो वर्दी लगाते और न ही नेमप्लेट लगाते है. रेलवे पुलिस और चोरहटा थाने की पुलिस भी मौजूद नही रहती है, जिसके कारण आटो चालको की दादागीरी चलती है.