राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

On National Unity Day, Indore Police planted ‘Ekta Vriksharopan’ (tree plantation) and gave the message of staying united like trees. इंदौर ! लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर मनाए गए राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया. डीआरपी लाइन परिसर में ‘एकता वृक्षारोपण कार्यक्रम’ आयोजित हुआ.कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही. अति पुलिस आयुक्त अमित कुमार सिंह, सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर पौधारोपण कर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया. वृक्षारोपण के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि “पेड़ हमें एकता और अखंडता का सच्चा संदेश देते हैं. जिस तरह जड़, तना, शाखाएं और पत्तियां मिलकर एक सशक्त वृक्ष बनाते हैं, उसी प्रकार संगठित रहकर हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं.” उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने और सामूहिक एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान भी किया. कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में एकता, देशभक्ति और सरदार पटेल के प्रेरक व्यक्तित्व से जुड़ाव की भावना को बढ़ाना रहा. MP SAMWADmpsamwad.in

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

The High Court reprimanded the Principal for not declaring public participation employees as permanent employees. भोपाल। प्रदेश क़े शासकीय महाविद्यालयों मे कई वर्षो से कार्यरत जनभागीदारी के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी स्थाईकर्मी की श्रेणी नहीं दे रहा है। जबकि कुछ कॉलेजों ने इस श्रेणी का लाभ दे दिया है। जबकि कई शासकीय महाविद्यालयों क़े प्राचार्य द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। यानि वे मनमानी पर उतारू हैं। जिससे कर्मचारी फिर से उच्च न्यायालय की शरण ले रहे हैं।शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के प्राचार्य की कर्मचारी विरोधी सोच का मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा महाविद्यालयीन जनभागीदारी कर्मचारी संघ मप्र के राजगढ़ जिले के सदस्य हितेश गुरगेला ने बताया कि इंदौर महाविद्यालय की जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों ने स्थाई कर्मी योजना से लाभान्वित करने उच्च न्यायालय इंदौर का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय इंदौर ने अंतिम निर्णय 20 दिसंबर 2024 को पारित किया था, लेकिन महाविद्यालय के प्राचार्य ने उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय का पालन नहीं किया। प्राचार्य के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की गई। बावजूद इसके प्राचार्य कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जिससे कार्यवाही लंबे समय तक खिंचती रही। हाइकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर प्राचार्य को तलब किया और फटकार लगाई। अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया है कि शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन ने जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतनभोगियों को स्थाईकर्मी योजना से लाभान्वित नहीं करने को लेकर तर्क दिए गए, लेकिन हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा है कि रिट याचिका में 20 दिसंबर 2024 को पारित आदेश को लगभग एक वर्ष बीत चुका है। यह स्थगन का आधार नहीं हो सकता है। पुनर्विचार याचिका लंबित है। अंतिम अनुमति के रूप में न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करें अन्यथा प्राचार्य के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। हाइकोर्ट ने दो सप्ताह बाद होने वाली आगामी सुनवाई से पहले कंप्लायंस करने के निर्देश प्राचार्य को दिए। MP SAMWADmpsamwad.in

मध्य प्रदेश आबकारी विभाग में  72 करोड़ का घोटाला ईडी दफ्तर में आरोपियों से पूछताछ जारी 

Rs 72 crore scam in Madhya Pradesh Excise Department, interrogation of accused continues in ED office  इन्दौर । करीब 72 करोड़ के आबकारी घोटाले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। अधिकारियों ने घोटाले में आरोपी तीन ठेकेदारों से पूछताछ की। साथ ही आबकारी विभाग के विवादास्पद वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। कई दस्तावेज के बारे में भी जानकारी ली गई। 72 करोड़ की धोखाधड़ी रावजी बाजार थाने में दर्ज केस के आधार पर ईडी के अधिकारियों ने दो आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच रावजी बाजार के केस में आरोपी रहे अभिषेक शर्मा, बलराम व जितेंद्र शिवरामे को भी तलब कर पूछताछ की बात सामने आई है। आबकारी विभाग में जमा होने वाली रसीदों में फर्जीवाडा कर 72 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। तत्कालीन सहायक आबकारी अधिकारी संजीव दुबे के कार्यकाल में यह घोटाला सामने आया था। पुलिस केस दर्ज होने के बाद कई ठेकेदार व कर्मचारियों पर केस दर्ज हुआ, लेकिन अधिकारियों की भूमिका तय नहीं हो पाई। अफसर का छूटा पसीना ईडी ने तत्कालीन बड़े अधिकारी को तलब किया। उनसे घोटाले के समय की प्रक्रिया नहीं करने को लेकर पूछताछ की व दस्तावेज भी लिए। पूछताछ के दौरान अधिकारी के पसीने छूट गए। अन्य जानकारियों के साथ उन्हें बुलाने की बात कहीं जा रही है। लंबी पूछताछ के बाद अधिकारी को गिरफ्तारी का डर सता रहा है और वे बचने के प्रयास में लग गए हैं। घोटाले के मास्टरमाइंड जांच के दौरान आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी के बारे में पता चला कि ये ही घोटाले के मास्टरमाइंड थे। इस समय दोनों उदयपुर में शराब कारोबार में जुड़े थे। वहां भी विला बनाकर किराए पर देने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की संपत्ति का भी ईडी ने पता लगाया है जिसके आधार पर जल्द अटैच करने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। MP SAMWADmpsamwad.in

EOW की टीम ने कि बड़ी कार्यवाही: सहायक राजस्व अधिकारी और प्रभारी बिल कलेक्टर को 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाए

EOW की टीम ने कि बड़ी कार्यवाही: सहायक राजस्व अधिकारी और प्रभारी बिल कलेक्टर को 40 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाए

EOW team major action: Assistant Revenue Officer and In-charge Bill Collector caught accepting bribe of 40 thousand rupees इंदौर ! मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं EOW और लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है जहां सहायक राजस्व अधिकारी को 40 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में प्रभारी बिल कलेक्टर को भी आरोपी बनाया गया है। सील गोदाम को दोबारा खोलने के बदले मांगी रिश्वतशिकायतकर्ता संतोष सिलावट निवासी गीता नगर इंदौर ने 01 अक्टूबर को ईओडब्लयू कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि उसके गोदाम को निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा नोटिस चस्पा कर सील कर दिया गया है और अब सील गोदाम को खोलने हेतु पुनीत अग्रवाल सहायक राजस्व अधिकारी नगर पालिका निगम झोन-19 एवं रोहित साबले, प्रभारी बिल कलेक्टर, राजस्व विभाग, नगर पालिका निगम, झोन क्रमांक 19 उससे 40 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं EOW ने रिश्वत लेते पकड़ाफरियादी संतोष पटेल की शिकायत की जांच के बाद EOW ने रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 3 अक्टूबर को फरियादी संतोष सिलावट को रिश्वत के 40 हजार रूपये देने के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक पुनीत अग्रवाल के पास भेजा गया। सहायक राजस्व अधिकारी पुनीत अग्रवाल ने नगर पालिका निगम जोन-19 के दफ्तर में रिश्वत देने के लिए फरियादी को बुलाया और जैसे ही वहां उसने व प्रभारी बिल कलेक्टर रोहित साबले ने रिश्वत की रकम की तो EOW की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। MP SAMWADmpsamwad.in

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

Indore tops the country in crimes against children and women. इंदौर ! बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इंदौर देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है. हाल ही में जारी एनसीआरबी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में इंदौर को बच्चों के खिलाफ अपराध में चौथा और महिलाओं के खिलाफ अपराध में पाँचवाँ स्थान दिया है. ये आंकड़े प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चेतावनी हैं.रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पूरे देश में बच्चों के खिलाफ 1.77 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.48 लाख के पार गए. इन आंकड़ों में इंदौर की स्थिति चिंता बढ़ाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अपराध में वृद्धि, खासकर कमजोर वर्ग बच्चों और महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है. पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है, लेकिन रिपोर्ट दर्शाती है कि अभी भी शहर में सुरक्षा के मामले गंभीर बने हुए हैं. इंदौर पुलिस सूत्रों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है. एनसीआरबी की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे. कुल मिलाकर, आर्थिक और व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में कानून-व्यवस्था की यह स्थिति, शहर के लिए गंभीर चेतावनी है. MP SAMWADmpsamwad.in