कक्षा में अश्लील वीडियो दिखाने वाला शिक्षक सस्पेंड, छात्राओं की शिकायत पर एफआईआर

Teacher suspended for showing pornographic videos in class, FIR lodged on girl students’ complaint भिंड। भिंड में एक शिक्षक पर क्लास में छात्राओं को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने उस पर आपत्तिजनक हरकतें करने का भी आरोप लगाया। मामला देहात थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल का है।तीन छात्राओं की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी टीचर रामेंद्र सिंह कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है।छात्राओं ने बताया कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के दौरान मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाता था और अनुचित व्यवहार करता था। छात्राओं ने जब घर जाकर शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें धमकाया। डर के कारण छात्राएं कई दिनों तक स्कूल नहीं गईं। छात्राओं के स्कूल न जाने पर परिजन ने पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया। परिजन पहले स्कूल पहुंचे और प्राचार्य से शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर वे छात्राओं को लेकर देहात थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कक्षा 8वीं की एक छात्रा को फरियादी बनाया है। पुलिस ने स्कूल स्टाफ और प्रबंधन से भी जानकारी ली।भिण्ड देहात थाना प्रभारी मुकेश शाक्य ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर आरोपी शिक्षक रामेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। MP SAMWADmpsamwad.in

सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित हुआ रन फॉर यूनिटी

सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित हुआ रन फॉर यूनिटी

Run for Unity organised on Sardar Patel’s birth anniversary जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। Sardar Patel’s birth anniversary के अवसर पर जबलपुर में “रन फॉर यूनिटी – एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर राजसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि,विधायक अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, अजय विश्नोई, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर,ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल,प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, संदीप जैन, सोनू बचवानी, कमलेश अग्रवाल, राजेश मिश्रा, पंकज दुबे एवं श्रीमती स्वाति गोडबोले सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस एकता दौड़ के कार्यक्रम में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। Sardar Patel’s birth anniversary कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों ने एकता और अखंडता का संदेश देते हुए मंच से युवाओं का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि बी.एल. संतोष ने अपने संबोधन में कहा कि “रन फॉर यूनिटी केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि यह भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है। सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प और विवेक से देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज हमें उसी एकता की भावना को आगे बढ़ाना है।” Read more: भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह उन्होंने आगे कहा कि “यह दौड़ केवल व्यायाम या प्रतियोगिता के लिए नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति संकल्प की अभिव्यक्ति है। हमें सदैव जागरूक रहना होगा ताकि हमारी आज़ादी और अखंडता बनी रहे।” इसके बाद राष्ट्रीय महामंत्री बी.एल. संतोष ने भगवा झंडा दिखाकर रन फॉर यूनिटी की शुरुआत की। जैसे ही ‘ॐ’ के उद्घोष के साथ झंडी लहराई गई, सैकड़ों युवाओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक दौड़ में भाग लिया। कार्यक्रम में मंच संचालन के दौरान सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने उपस्थित जनों को राष्ट्रीय एकता शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि “हम सबको भारत की अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए और सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र की एकता में अपना योगदान देना चाहिए।”कार्यक्रम का समापन “भारत माता की जय” और “सरदार पटेल अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। MP SAMWADmpsamwad.in

नगर में झमाझम बारिश से फसलें फिर भीगीं, किसानों की बढ़ी चिंता

नगर में झमाझम बारिश से फसलें फिर भीगीं, किसानों की बढ़ी चिंता

Heavy rains in the city have once again drenched crops, raising concerns for farmers. तेंदूखेड़ा ! नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में आंवला नवमी के दिन दोपहर लगभग 2:00 बजे से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से मौसम सामान्य रहने के कारण अधिकांश किसानों ने अपने खेतों से मक्का और धान की फसल की कटाई कर ली थी। परंतु, कटाई के बाद खेतों एवं खुले स्थानों पर रखी गई फसलें अब लगातार हो रही वर्षा से एक बार फिर पूरी तरह भीग गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पानी भराव की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर धान की कटी हुई फसल पानी में डूब गई है, वहीं खुले में पड़ी मक्का भी नमी के कारण सड़ने की कगार पर पहुंच रही है। इससे न केवल उपज की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।किसानों का कहना है कि मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। धूप न निकलने के कारण फसल सुखाने में दिक्कत आ रही है और भीगी हुई उपज में फफूंदी लगने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, मंडियों में भी ऐसी भीगी फसल का दाम घटने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, नगर प्रशासन ने नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें, खेतों में अनावश्यक रूप से न जाएँ और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अगले कुछ घंटों तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यदि वर्षा का यह क्रम जारी रहा, तो फसलों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में सड़क और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। MP SAMWADmpsamwad.in

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

Heavy rains have ruined the crops of farmers in the Churhat region: Ajay Singh सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधानसभा के विधायक अजय सिंह ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण चुरहट विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के अंचलों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।इस भीषण वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल गलने लगी है, वहीं कई स्थानों पर रबी फसलों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि किसानों के लिए अत्यंत त्रासदीपूर्ण बन चुकी है।जिन किसानों ने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करके खेतों में फसल उगाई थी, आज वे अपनी आँखों के सामने अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहे हैं। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी जीविका, उम्मीद और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार है। अजयसिंह ने कहा कि चुरहट और आसपास के क्षेत्रों में कई गाँव ऐसे हैं जहाँ खेतों में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसानों के सामने भविष्य की बुवाई का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, नालियाँ जाम हैं और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस आया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंह ने इस स्थिति को “कृषक आपदा” बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा – मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि पूरे क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए, किसानों की फसल हानि का सही आकलन कर उचित राहत और मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसान ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।कृषक हमारे समाज का आधार हैं। अगर खेत सूने होंगे, तो मंडियाँ भी सूनी होंगी। किसानों का दर्द प्रदेश का दर्द है, इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे कठिन समय में उनके साथ खड़ी होकर हर संभव सहायता प्रदान करे।अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई प्रभावित गाँवों से जानकारी ली है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजेंगे और मंत्रिस्तरीय टीम से चुरहट क्षेत्र का दौरा करवाने की मांग करेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से यह भी कहा कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके लिए विशेष राहत शिविर, मुफ्त बीज वितरण, और अगले सीज़न की तैयारी हेतु ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की जाए।अजय सिंह ने अंत में कहा कि यह समय राजनीति का नही, सेवा का है। जो किसान धरती का अन्नदाता है, उसे संकट में छोड़ देना सबसे बड़ी असंवेदनशीलता होगी। मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि चुरहट सहित पूरे सीधी जिले को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। MP SAMWADmpsamwad.in

विश्वविद्यालय ने की पीएचडी परीक्षा में गड़बड़ी, विरोध जताने पर NSUI कार्यकर्त्ताओ पर पुलिस की बर्बरता

विश्वविद्यालय ने की पीएचडी परीक्षा में गड़बड़ी, विरोध जताने पर NSUI कार्यकर्त्ताओ पर पुलिस की बर्बरता

University tampered with PhD exam, NSUI workers were brutally attacked by police when they protested. रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हुई गड़बड़ी सहित विभिन्न मांगो को लेकर एनएसयूआई ने बुधवार की दोपहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में कुलगुरू से मिलने के लिये जैसे ही छात्र आगे बढ़े तो उन्हे पुलिस ने रोक लिया. छात्रों को तितर-बितर करने के लिये वाटर कैनन का प्रयोग किया गया, साथ ही एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सहित कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया. उधर छात्रों का कहना है कि वह अपनी न्याय संगत मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन विश्वविद्यालय प्रवेश द्वार के पहले ही पुलिस ने रोक लिया और गिरफ्तार किया. एनएसयूआई जिलाध्यक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से कुलगुरू से मिलकर अपनी मांग हमे रखनी थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया और कुलगुरू से मिलने नही दिया गया. विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम हाल ही में घोषित हुआ है, जिसमें भारी धांधली की गई है. इसी तरह अतिथि विद्वानों को नियम विरूद्ध तरीके से रखा गया है. संबल योजना सहित कई मांगो को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन था. एनएसयूआई का कहना है कि अगर हमारी बात नही सुनी गई तो आगे उग्र प्रदर्शन किया जायेगा. जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया जायेगा. सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता और छात्र विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे थे और कुलगुरू से मिलने के लिये जा रहे थे. जहा कानून व्यवस्था को देखते हुए खदेड़ा गया. साथ ही वाटर कैनन का भी प्रयोग किया गया है. जिलाध्यक्ष सहित कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. MP SAMWADmpsamwad.in

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

Cleaning scam in Gram Panchayat, misuse of government funds, fake bills worth lakhs on Panchayat Darpan जबलपुर ( जितेंद्र श्रीवास्तव )। पाटन तहसील के ग्राम पंचायत गुरु पिपरिया बनी में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में समशान तक जाने के लिए आज तक कोई पक्का रास्ता नहीं बना। लोग मजबूरी में गिरते-पड़ते मुर्दों को समशान तक ले जाते हैं। इतना ही नहीं, किसी की मौत होने पर परिजन शोक मनाने के बजाय पहले समशान की सफाई करने में लग जाते हैं। ग्रामीण ज्ञानू शर्मा ने बताया कि सरपंच सफाई के नाम पर लाखों रुपये निकाल चुका है, पर गांव में सफाई का नामोनिशान नहीं है। पंचायत दर्पण एप पर जब ग्रामीणों ने निगरानी की तो पता चला कि सफाई और निर्माण कार्यों के नाम पर कई फर्जी बिल डाले गए हैं। कई बिल तो सरपंच के परिवार के नाम पर ही निकले हुए हैं। ग्रामीण दीपक शर्मा ने कहा कि पंचायत भवन पर जब ग्रामीण पहुंचे तो न तो कोई सरकारी कर्मचारी मिला और न ही लैपटॉप या फोटो कॉपी मशीन जैसे आवश्यक उपकरण। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सामान सचिव और सहायक सचिव अपने घर ले गए हैं। गांव में कोई काम बिना रिश्वत के नहीं होता। सहायक सचिव पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, राशन कार्ड बनवाने के लिए उन्हें 24 किलोमीटर दूर पाटन तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। सचिव और सहायक सचिव काम में टालमटोल करते हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जाती है कि “अब काम नहीं होगा क्योंकि शिकायत की है।” युवा भाजपा कार्यकर्ता राज, जो इसी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि पंचायत दर्पण एप पर अपलोड किए गए कई बिलों के नंबर गलत हैं। गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर गंदगी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आलम है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत परिसर में “सरपंच तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जनसुनवाई में जाकर सीधे कलेक्टर के सामने धरना देंगे। इस मौके पर ग्रामीण पुष्पराज पांच, ज्ञानू शर्मा, दीपक, विकास, महिंद्र, मोहित, राजेश, रवि, सुरेश, रक्कू सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास तभी संभव है जब भ्रष्ट अधिकारियों और सरपंच के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। जबलपुर पंचायत भ्रष्टाचार, गुरु पिपरिया ग्राम पंचायत खबर, पाटन तहसील पंचायत घोटाला, जबलपुर सरपंच-सचिव विवाद, पंचायत दर्पण फर्जी बिल, मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास भ्रष्टाचार, जबलपुर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन MP SAMWADmpsamwad.in

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

Patriotic voices resonated in Shivaji Basti, and a large crowd gathered for the procession. भोपाल। विजयादशमी के शुभ अवसर पर शिवाजी बस्ती देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित पथ संचलन का। रविवार को महावीर नगर स्थित हनुमान मंदिर बाल उद्यान से निकले इस संचलन में 177 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रभक्ति गीत, जयघोष और पुष्पवर्षा से सजी पथ संचलन की राह संचलन मार्ग पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘हर-हर बम बम’ जैसे जयघोषों से वातावरण गूंज उठा। अर्जुन नगर, सरस्वती शिशु मंदिर, दुर्गा नगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, 106 की लाइन व पांच नंबर मार्केट से होते हुए यह यात्रा पुनः बाल उद्यान पर संपन्न हुई। नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। छतों से लहराते तिरंगे, बच्चों की तालियां और जयकारों ने समूचे क्षेत्र को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। शस्त्र पूजन व संघ प्रार्थना से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन से हुई। इसके पश्चात संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का सामूहिक गान हुआ। विशेष रूप से प्रस्तुत एकल गीत “पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है…” ने उपस्थित जनसमूह में ओज व प्रेरणा का संचार किया। संघ संस्थापक के अमृत वचन से मिली प्रेरणा डॉ. राजकुमार मालवीय ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के प्रेरणास्पद अमृत वचनों का वाचन किया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आक्रमण नहीं, संगठन और संस्कृति की रक्षा है। जब तक हम अपनी संस्कृति को जीवित नहीं रखेंगे, समाज नहीं टिकेगा।” शिवाजी शाखा की अनुशासित प्रस्तुति संचालन का दायित्व शिवाजी शाखा के मुख्य शिक्षक जितेन्द्र तिवारी ने निभाया। अतिथियों का परिचय देवराज त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम में अनुशासन, एकता और सेवा भावना की अनुपम झलक देखने को मिली। शताब्दी वर्ष—एक संकल्प यात्रा मुख्य वक्ता धर्मेन्द्र सोनकिया (जिला प्रचारक, तात्याटोपे जिला) ने कहा, “संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, आत्मपरिवर्तन से समाज परिवर्तन का संकल्प है। पथ संचलन केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह साल भर की सेवा और साधना का उत्सव है।” मंच पर आयरनमैन की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मध्यप्रदेश के पहले आयरनमैन प्रवीण सपकाल। उन्होंने वर्ष 2017 में थाईलैंड के फुकेट में ‘आयरनमैन’ की उपाधि प्राप्त की थी। वे एक सुपर एथलीट और ‘बाइसिकल मेयर भोपाल’ जैसे अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर कार्यवाह अधिवक्ता मथुरा प्रसाद राजपूत ने की। इस मौके पर प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मातृशक्ति की सहभागिता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रास्ते भर जनसमर्थन ने दिया जनउत्सव का रूप नगरवासियों ने अर्जुन नगर, दुर्गानगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, सरिता चौराहा, 106 की लाइन, नगर निगम वाचनालय जैसे प्रमुख स्थानों पर तिरंगों, तालियों और पुष्पवर्षा से स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं, जनभागीदारी से बने जनउत्सव का रूप ले चुका था। देशभक्ति की अलख से जागृत हुआ क्षेत्र छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े, सभी में एक विशेष ऊर्जा और उमंग देखने को मिली। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने नगरवासियों के हृदय को छू लिया। MP SAMWADmpsamwad.in

जिला अस्पताल में में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन शव नहीं ले गए, मज़बूरी में रुपये देकर निजी एम्बुलेंस करनी पड़ी

There were four hearse vehicles parked at the district hospital, but they couldn’t take the bodies. We were forced to pay money and hire a private ambulance. देवास। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य सुविधा की गरीबों तक पहुँच होने के लाख दावे करें, लेकिन जमीन पर वह सच्चाई झूठी साबित हो रही है। ऐसा ही मामला देवास जिला अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस की बड़ी लापरवाही का सामने आया है। जहाँ मृतक के परिजन शव ले जाने के लिए घंटो एम्बुलेंस की रह ताकते रहे, लेकिन जिला अस्पताल परिसर में रखी 4 एम्बुलेंस में से एक भी नहीं आई। सूत्र बताते हैं की चारों ड्राइवर एक चाय की दुकान पर बैठकर यह सब अनजान बनकर देखते रहे और परिजन बिलखते रहे। जिले के बरोठा थाना इलाके के सिरोल्या गांव में एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गुरुवार को जिला अस्पताल में बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिजन को करीब दो घंटे तक शव वाहन नहीं मिला। हैरानी की बात ये है कि उस वक्त अस्पताल में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन फिर भी परिजन को कार से बुजुर्ग का शव घर ले जाना पड़ा। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य ने दुखी मन से दोषियों पर कार्रवाई करने और शव वाहन सेवा बंद करने की मांग प्रशासन और सरकार से की है।शव वाहन के लिए परेशान होते रहे परिजन जानकारी के अनुसार बरोठा निवासी बुजुर्ग प्रकाश मंडलोई ने बुधवार शाम खेत पर फांसी लगा ली थी। इसके बाद बरोठा पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा था। गुरुवार सुबह पीएम के बाद परिजन शव वाहन के लिए परेशान होते नजर आए। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में 4 शव वाहन है और उस समय शव वाहन खड़े भी थे, लेकिन ड्राइवर नहीं होने से मृतक के परिजन परेशान होते रहे। मृतक के भतीजे राकेश मंडलोई ने बताया हमने 108 पर सूचना दी, लेकिन दो घंटे तक कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट में आने की बात कहते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।मृतक के परिजन बोले- बंद कर दें ये व्यवस्था रोते हुए राकेश ने कहा कि मैं प्रदेश के मुखिया से निवेदन करता हूं कि गरीब लोगों को यह व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। एक घंटे से हम परेशान हैं। परिजन घर पर रो रहे हैं, लेकिन 108 एम्बुलेंस आने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि यह व्यवस्था बंद कर दी जाए। कलेक्टर से निवेदन है कि इन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उधर मामले में आरएमओ डॉ अजय पटेल ने बताया संबंधित कंपनी के को ऑर्डिनेटर को शोकांत नोटिस जारी किया गया है। MP SAMWADmpsamwad.in

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? MP SAMWADmpsamwad.in

कफ सिरप मौत कांड : मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवारों को नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दी 50 हजार की सहायता

Cough syrup death case: Leader of Opposition Singhar gives Rs 50,000 each to the families of the deceased children. भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और कफ सिरप से मृत हुए बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की और दुख की घड़ी में उनका ढाँडस बंधाया। सिंघार ने मृत बच्चे के प्रत्येक परिवार को ₹50,000 की सहायता देने की बात कही।  उन्होंने इस लापरवाही के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते तो इन शोक में डूबे परिवारों की आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन यह गरीब परिवार हैं इसलिए वे इनकी मदद नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अमीरों की है और उन्हीं की मदद करती है। विदेशों में दौरे करने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहाती है, लेकिन इनकी मदद करना उचित नहीं समझती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने दौरे की जानकारी अपने सोशल अकाउंट x पर दी।  उमंग ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप पीने से मासूम बच्चों की हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि, कई परिवार इलाज के दौरान लाखों के कर्ज़ में डूब गए हैं। मैंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए हर मृत बच्चे के परिवार को ₹50,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं है।  मुख्यमंत्री डॉ यादव आप अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मृत बच्चों के शोकग्रस्त परिजनों को भी सम्मानजनक आर्थिक सहायता दें, तभी सच्ची सहानुभूति मानी जाएगी, अन्यथा यह सिर्फ दिखावा है। सिंघार ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया दवाओं की सप्लाई ने इन मासूमों की जान ली। परासिया में फैली यह त्रासदी न केवल सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था में इतने बड़े पैमाने पर चूक कैसे हुई। प्रदेश में अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, जबकि पीड़ित परिवार अब भी न्याय और राहत की आस में हैं। MP SAMWADmpsamwad.in