शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

Patriotic voices resonated in Shivaji Basti, and a large crowd gathered for the procession. भोपाल। विजयादशमी के शुभ अवसर पर शिवाजी बस्ती देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित पथ संचलन का। रविवार को महावीर नगर स्थित हनुमान मंदिर बाल उद्यान से निकले इस संचलन में 177 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रभक्ति गीत, जयघोष और पुष्पवर्षा से सजी पथ संचलन की राह संचलन मार्ग पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘हर-हर बम बम’ जैसे जयघोषों से वातावरण गूंज उठा। अर्जुन नगर, सरस्वती शिशु मंदिर, दुर्गा नगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, 106 की लाइन व पांच नंबर मार्केट से होते हुए यह यात्रा पुनः बाल उद्यान पर संपन्न हुई। नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। छतों से लहराते तिरंगे, बच्चों की तालियां और जयकारों ने समूचे क्षेत्र को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। शस्त्र पूजन व संघ प्रार्थना से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन से हुई। इसके पश्चात संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का सामूहिक गान हुआ। विशेष रूप से प्रस्तुत एकल गीत “पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है…” ने उपस्थित जनसमूह में ओज व प्रेरणा का संचार किया। संघ संस्थापक के अमृत वचन से मिली प्रेरणा डॉ. राजकुमार मालवीय ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के प्रेरणास्पद अमृत वचनों का वाचन किया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आक्रमण नहीं, संगठन और संस्कृति की रक्षा है। जब तक हम अपनी संस्कृति को जीवित नहीं रखेंगे, समाज नहीं टिकेगा।” शिवाजी शाखा की अनुशासित प्रस्तुति संचालन का दायित्व शिवाजी शाखा के मुख्य शिक्षक जितेन्द्र तिवारी ने निभाया। अतिथियों का परिचय देवराज त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम में अनुशासन, एकता और सेवा भावना की अनुपम झलक देखने को मिली। शताब्दी वर्ष—एक संकल्प यात्रा मुख्य वक्ता धर्मेन्द्र सोनकिया (जिला प्रचारक, तात्याटोपे जिला) ने कहा, “संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, आत्मपरिवर्तन से समाज परिवर्तन का संकल्प है। पथ संचलन केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह साल भर की सेवा और साधना का उत्सव है।” मंच पर आयरनमैन की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मध्यप्रदेश के पहले आयरनमैन प्रवीण सपकाल। उन्होंने वर्ष 2017 में थाईलैंड के फुकेट में ‘आयरनमैन’ की उपाधि प्राप्त की थी। वे एक सुपर एथलीट और ‘बाइसिकल मेयर भोपाल’ जैसे अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर कार्यवाह अधिवक्ता मथुरा प्रसाद राजपूत ने की। इस मौके पर प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मातृशक्ति की सहभागिता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रास्ते भर जनसमर्थन ने दिया जनउत्सव का रूप नगरवासियों ने अर्जुन नगर, दुर्गानगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, सरिता चौराहा, 106 की लाइन, नगर निगम वाचनालय जैसे प्रमुख स्थानों पर तिरंगों, तालियों और पुष्पवर्षा से स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं, जनभागीदारी से बने जनउत्सव का रूप ले चुका था। देशभक्ति की अलख से जागृत हुआ क्षेत्र छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े, सभी में एक विशेष ऊर्जा और उमंग देखने को मिली। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने नगरवासियों के हृदय को छू लिया। MP SAMWADmpsamwad.in

RSS के सह सरकार्यवाह का विवादित बयान बोले – बोले ‘भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती’

RSS’s co-general secretary made a controversial statement, saying, “Saying Bharat Mata ki Jai doesn’t make one patriotic.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती है। जीवन के हर पल, हर क्षण जब मैं समाज और देश के लिए कुछ करता हूं तो उसे राष्ट्रभक्ति कहते हैं। उन्होंने कहा- आज हमारे समाज के अंदर बहुत सारी शक्तियां ऐसी हैं, जो इस समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। जगह-जगह जातियों के आधार पर समाज को लड़ाने के प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश पर एक हजार साल या तो विदेशी शक्तियों का शासन था या उनके प्रभावों के आधार पर शासन चला, लेकिन पहली बार उन्हें लग रहा है कि हमारा अस्तित्व खतरे में है। यह समझकर उन्होंने रणनीति बदल ली है। सब एकत्र हो गए हैं और उन्होंने अपना एक कॉमन दुश्मन भारत, हिंदू और संघ को मान लिया है। संघ पर प्रश्न कैसे खड़े किए जाएं। इसके लिए सोशल मीडिया, मीडिया में आप देख रहे हैं, कई प्रयास चल रहे हैं। जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा नगर की हेडगेवार बस्ती में गुरुवार को विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ये बातें कही। सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- हर व्यक्ति को अपने मन में विचार करना चाहिए कि आज मैंने देश के लिए क्या किया, आज मैंने समाज को क्या दिया। दुर्भाग्य से सारा समाज मैं, मेरा परिवार, आत्मकेंद्रित, समाज से उदासीन, यही चारों तरफ का वातावरण दिखाई देता है। ईर्ष्या, द्वेष, गुटबाजी पता नहीं कब समाज के अंदर आ गई। उन्होंने कहा- चार व्यक्ति मिलकर एक मंदिर बनाने का अच्छा काम शुरू करते हैं। दो ग्रुप हो जाते हैं, सब धार्मिक हैं, सब आस्थावान हैं, लेकिन आपस में लड़ते हैं। समाज के अंदर पता नहीं किस कालखंड में आत्मविश्वास खत्म हो गया। अरुण कुमार ने कहा- समाज में जो शक्तियां देश को तोड़ना चाहती है। इस भारत को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है। उसे हमें समझना होगा। हम महापुरुषों के नाम पर लड़ना शुरू कर देते हैं। आरक्षण के नाम पर समाज आमने-सामने खड़े जाते हैं। उन्होंने कहा- समाज के अंदर नॉन इश्यूज को लेकर बहुत बड़े-बड़े आंदोलन खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में समाज बांटने के प्रयास ओर बढ़ेंगे। इसके प्रति भी जागरूक रहना होगा। MP SAMWADmpsamwad.in