बाबा साहब अंबेडकर को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी का शाजापुर में विरोध

बाबा साहब अंबेडकर को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी का शाजापुर में विरोध

Protest in Shajapur against the indecent remarks made about Baba Saheb Ambedkar शाजापुर। शाजापुर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पर सोशल मीडिया के माध्यम से की गई अमर्यादित टिप्पणी का विरोध किया। पार्टी ने आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए सोमवार को नायब तहसीलदार नाहिद अंजुम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। बहुजन समाज पार्टी ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि ऐसा करने से भविष्य में कोई भी व्यक्ति संविधान निर्माता के प्रति अमर्यादित टिप्पणी करने का साहस नहीं कर पाएगा।

शहर की सडक़ो में गड्डे और हिचकोले खा रहे वाहन

शहर की सडक़ो में गड्डे और हिचकोले खा रहे वाहन

Potholes and skidding vehicles on city roads रीवा ! शहर की ऐसी कोई सडक़ नही जहा गड्डे न हो, कालेज चौराहे से लेकर हर सडक़ो में गड्डे ही गड्डे नजर आते है. मरम्मत के नाम पर केवल लीपापोती होती है.गड्डो के बीच वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर है. अभी दो दिन हुई बारिश में विकास की परत कालेज चौराहे में निकल गई. चौराहे में घुठने तक पानी भरा रहा. इसी तरह राजनिवास जाने वाली सडक़ में भी गड्डे हो गये है. अस्पताल चौराहा से जयस्तंभ तक जाने वाली व्यंकट मार्ग की डामर उखड़ गई है. कई जगह ऐसे गड्डे है जो दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे है. बरसात के समय कई जगह सडक़े खराब हुई है जबकि कई जगह इसके पहले से ही सडक़ में गड्डे थे, जिन्हे नही भरा गया. सिरमौर चौराहा फ्लाई ओवर में की गई डामर पूरी तरह से उखड़ गई है. ऐसा नही है कि बरसात के चलते डामर उखड़ी है बल्कि घटिया डामर की गई थी जो कंक्रीट के ऊपर बिछाई गई थी, गर्मी में ही डामर की परत उड़ गई. इसी तरह पडऱा में बनाए गए ओवर ब्रिज गड्डो में तब्दील हो गई है. कई जान लेवा गड्डे बने, जिसके बाद कंक्रीट के ऊपर डामर की ठेगरी लगाकर गड्डे भरे गये.

ज्ञान के मंदिर को शर्मशार करने वाला टीचर निलंबित

ज्ञान के मंदिर को शर्मशार करने वाला टीचर निलंबित

Teacher suspended for bringing shame to the temple of knowledge देवास/ उदयनगर ! उदयनगर संकुल के शासकीय प्राथमिक विद्यालय झिरी मोहल्ला बिसाली के शिक्षा के मन्दिर को शर्म सार करने वाला अश्लील वीडियो वाइरल होने के बाद सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को निलंबित कर दिया और एक जांच दल को भेजकर जांच करवाई तो वहां स्थानीय लोगो ने वीडियो के बारे में बताया कि यह वीडियो शिक्षक विक्रम कदम व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का ही है, स्पष्ठ रूप से ग्रामीण जनो एव जांच दल में आये बीईओ नरेश प्रताप सिंह, संकुल प्राचार्य कन्हैयालाल परमार,ब्लाक समन्वयक सुभाष मालवीय,जनशिक्षा केंद्र प्रभारी कल्याण सिंह बुंदेला, जनशिक्षक महेश पालीवाल, दीपक सोलंकी ने वायरल वीडियो का मोके व स्कूल परिसर का अवलोकन कर स्पष्ठ रूप से कहा कि दोनो वायरल वीडियो विक्रम कदम व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के ही है ,जो कि शिक्षा के मंदिर व शिक्षक जगत को शर्म सार कर देने वाली घटना हैऐसे कृत्य माफी के लायक नही हैग्रामीण जनो एव सरपंच आलावा ने अधिकारियों से इस विषय मे चर्चा कर लिखित में देकर कहा कि दोनों को यहां से हटाया जाए जो कि इस प्रकार के कृत्य बच्चो की मानसिकता पर बुरे असर डालते हैसाथ ही यहां पर नए शिक्षक की व्यवस्था की जाए वही आंगनवाड़ी सुपर वायजर उषा पण्डिया का कहना है कि आंगनवाड़ी झिरी मोहल्ला की कार्यकर्ता का आपत्तिजनक वीडियो के बारे मे पत्र जारी कर तीन दिवस में स्पष्टीकरण मांगा हैस्पष्टीकरण आने पर जो भी उचित कार्यवाही होगी कि जाएगी कथनबीईओ नरेश प्रताप सिंहवरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर अखबारों में प्रकाशित खबर की जांच में आये थे व जो की पूरी खबर व वायरल वीडियो सही पाया गया जिसका प्रतिवेदन बना कर वरिष्ठ अधिकारी को भेजा गया जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुवे शिक्षक विक्रम कदम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया हैनिलंबित शिक्षक ने थाने पर आवेदन देकर वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है ओर कहा है कि यह वीडियो AI से बनाया हुआ है । इसकी जांच करवाई जाए

बीजेपी नेता का विवादित बयान: कांग्रेस एक  चड्डी-बनियान गिरोह है- क्राइम को लेकर कसा तंज

BJP leader’s controversial statement: Congress is a shorts-and-vest gang – takes a dig at crime जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने प्रदेश में बढ़ते अपराध का कारण कांग्रेस को बताया है। बीजेपी महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपने ही पार्टी के अपराधियों के साथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चड्डी-बनियान गिरोह जैसे है और आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस नेता अपराधों को संरक्षण देकर अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रहे है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक गई डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि डकैती कांड में एनएसयूआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी इस बात का ताजा उदाहरण है कि कांग्रेस अब अपराधियों की पनाहगार बन चुकी है। जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है। इससे साफ है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर इस डकैती प्रकरण तक कांग्रेस का यही चेहरा रहा है। एक ओर विधायक के घर से हथियार मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर महिला विधायक के अवैध रेत खनन के लिए रंगदारी वसूली का ऑडियो वायरल हो रहा हैं। कांग्रेस शासनकाल में अपराध में इजाफा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि किसानों के लाखों रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर करने से लेकर बस्तर और सरगुजा तक, कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता अपराधों में सामने आ रही है। एनसीआरबी की रिपोर्ट खुद बताती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में कितना इजाफा हुआ। कांग्रेस जहां भी अपराध है, वहीं दिखाई देती है। या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को संरक्षण देकर जनता को डराने की राजनीति कर रही है और फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर सरकार पर हमले करती है। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने ये सभी बयान पत्रकार वार्ता में दिया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी मौजूद रहीं।

टीकमगढ़: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, नेत्र सहायक अधिकारी ₹30 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

टीकमगढ़: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, नेत्र सहायक अधिकारी ₹30 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Tikamgarh: Lokayukta takes major action, eye assistant officer arrested while taking bribe of ₹30 thousand टीकमगढ़ ! सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद जो राशि मिलती है उसे रिश्वत दिए प्राप्त करना नामुमकिन सा है। सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद जो राशि मिलती है उसे रिश्वत दिए प्राप्त करना नामुमकिन सा है। इन पैसों पर सभी की नजर लगी रहती है। ऐसे ही एक मामले में नेत्र सहायक को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वह रिटायरमेंट के बाद मिलने बाले देयक के लिए पैसे मांग रहा था। टीकमगढ़ में जिला अस्पताल में पदस्थ नेत्र सहायक उमेश जैन को लोकायुक्त ने रिश्वत के 20 हजार रुपए के साथ रंगे हाथों पकड़ा। अब लोकायुक्त पुलिस आगे की कार्रवाई में लगी है। सागर लोकायुक्त पुलिस ने ये कार्रवाई की। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि रमेशचंद्र नायक ने मामले की शिकायत की थी। इसकी जांच के बाद पुष्टि होते ही लोकायुक्त ने जाल बिछाया और नेत्र सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। नेत्र सहायक उमेश जैन ने रिश्वत की मांग कीपहाड़ी बुजुर्ग निवासी रमेश चंद्र नायक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ थे। हाल ही में वे रिटायर हुए हैं। रमेश चंद्र नायक के अनुसार रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि के संबंध में उन्होंने स्थापना के बाबू संतोष अम्बेडकर से बात की तो उन्होंने नेत्र सहायक उमेश जैन से मिलने को कहा। जैन ने इस काम के लिए रिश्वत की मांग की। शिकायत कर्ता के अनुसार नेत्र सहायक उमेश जैन ने 30 हजार रुपए की मांग की। बाद में 28 हजार रुपए में काम करना तय हो गया। रमेशचंद्र नायक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त को की। सोमवार को पुलिस ने जाल बिछाते हुए रिश्वत के 20 हजार रुपए के साथ नेत्र सहायक उमेश जैन को गिरफ्तार किया है। रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद आरोपी पर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: महिला एवं बाल विकास अधिकारी ₹20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: महिला एवं बाल विकास अधिकारी ₹20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Lokayukta takes major action: Women and Child Development Officer arrested for taking bribe of ₹20,000 छिंदवाड़ा। महिला एवं बाल विकास विभाग में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में विभागीय अधिकारियों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धमकाकर रिश्वत लेने का आरोप लगा था, जिसकी जांच अभी जारी है। इसी बीच जुन्नारदेव से एक नया मामला सामने आया है। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सीमा पटले को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह राशि विभागीय कार्यों में अनियमितताओं को दबाने और फाइलें आगे बढ़ाने के एवज में मांगी गई थी। इस कार्रवाई में परियोजना अधिकारी के साथ तीन आंगनबाड़ी सहायिकाएं भी पकड़ी गई हैं। लोकायुक्त टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि विभाग में लगातार सामने आ रहे रिश्वतखोरी के मामलों ने पारदर्शिता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे स्वास्थ्य मंत्री: जीतू पटवारी

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि हर हाल में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा से लेकर ड्रग कंट्रोलर, पी एस और स्वास्थ सचिव को निलंबित करने की कार्यवाही करे, तब लगेगा की प्रदेश की मोहन सरकार बच्चों की मौत के मामले में गंभीर है। मृतक बच्चों के परिजनों से श्री पटवारी ने वन टू वन बात करते हुए कहा सरकार अगर मृतक बच्चों के परिजनों के आसू पोछना चाहती है तो तत्काल परिजनों को एक एक करोड़ का मुहावजा देते हुए नागपूर में इलाजरत बीमार बच्चों की ईलाज की समुचित व्यवस्था कराए। जिले में अब तक किडनी फेल होने से मौत का आंकड़ा 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं।

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। Death on the roads मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक Death on the roadsयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट Death on the roadsखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी Death on the roadsराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।

प्रदेश सरकार चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी

प्रदेश सरकार चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी

The state government is preparing to set up a solar plant in the Chambal ravines. ग्वालियर। प्रदेश सरकार अब चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बीहड़ की 60 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं का आइआइटी रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीहड़ की भूमि कभी डकैतों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन इसका उपयोग अब सौर ऊर्जा बनाने में किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में चंबल नदी, जलीय जीवों के संरक्षण और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार इस दिशा में भी विचार कर रही है कि क्यों न बीहड़ की भूमि का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी किया जाए। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ इस पहलू से भी अध्ययन करेंगे। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि हमारे पास बीहड़ क्षेत्र की सेटेलाइट इमेज है, इसका पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भूमि का डाटा से मिलान कराया जा रहा है। इससे यह पता लग जाएगा कि कितनी भूमि उबड़ खाबड़ है और कितनी भूमि समतल। भूमि का वर्गीकरण कर मैपिंग की जा रही है और यह निर्णय लिया जाएगा कि कितनी भूमि का सोलर प्लांट लगाने में उपयोग किया जा सकता है। काफी कुछ आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों की ओर से किए जाने वाले अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।

राजनीतिक संरक्षण प्राप्त खनिज माफिया कर रहे अवैध उत्खनन

राजनीतिक संरक्षण प्राप्त खनिज माफिया कर रहे अवैध उत्खनन

Illegal mining is being carried out by the politically protected mining mafia. रीवा ! politically protected mining mafia जिले भर में चल रहे अवैध उत्खनन एवं परिवहन के चलते शासन को हर वर्ष करोड़ो रूपये की चपत लग रही है. इस अवैध कारोबार को अंजाम देने वाले खनन माफियाओं के आगे प्रशासन मौन है. अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिये कोई कार्यवाही खनिज महकमे द्वारा नही की जा रही है. रीवा और मऊगंज जिले में अवैध उत्खनन राजस्व एवं वन भूमि में चल रहा है.कुछ माह पूर्व मऊगंज कलेक्टर ने दस करोड़ से अधिक का जुर्माना अवैध उत्खनन पर लगाया था. लेकिन इस तरह का जुर्माना रीवा में नही लगा. मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र के हाटा लौढी सहित नईगढ़ी, मऊगंज, रीवा के सिरमौर, बेला, नौवस्ता एवं बनकुंइया क्षेत्र में सैकड़ो छोटी-बड़ी खदाने है. जहां से पत्थर निकाल कर बेचा जा रहा है. खनिज विभाग के संरक्षण में अवैध कारोबार चल रहा है. राजस्व, वन भूमि को खनिज माफिया खोखला कर रहे है. खनिज विभाग राजस्व लक्ष्य को पूरा नही कर पाता. अगर अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्यवाही की जाय तो अच्छा खासा राजस्व मिल सकता है. गत वर्ष भी लक्ष्य प्राप्त करने में खनिज विभाग पीछे रहा है. राजस्व कम आने पर सतना के खनिज अधिकारी पर निलंबन की कार्यवाही हुई. लेकिन रीवा में राजस्व कम आने पर कोई कार्यवाही नही की गई. मुरूम की कई अवैध खदाने politically protected mining mafiaरीवा के सेमरिया क्षेत्र में अवैध तरीके से मुरूम का उत्खनन किया गया. जिसकी शिकायत भी स्थानीय लोगो द्वारा की गई. कलेक्टर के यहा की गई शिकायत के बाद खनिज विभाग ने मौके में पहुंचकर जांच की और जांच के नाम पर लीपापोती की गई जो भी शिकायते खनिज विभाग की पहुंचती है उसे ले देकर दबा दिया जाता है. सडक़ बनाने वाले ठेकेदार निर्माण के दौरान आसपास की मुरूम खदानो से मुरूम का अवैध उत्खनन करते है लेकिन कोई रायल्टी नही जमा की जाती है. जिले में कई जगह मुरूम की अवैध खदाने चल रही है. जिसकी जानकारी भी खनिज अधिकारी को है. Read more: सरकार इन किसानों को नहीं देगी 21वीं किस्त, तत्काल जानें स्वीकृत लीज के बाहर होता है अवैध उत्खनन politically protected mining mafiaरीवा के बेला, बनकुइया, नौवस्ता क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन चल रहा है. जिन लोगो ने लीज ले रखी है वहां तो उत्खनन होता है लेकिन लीज की जमीन पर उत्खनन केवल दिखावे के लिये रहता है. अवैध रूप से उत्खनन दूसरी जमीनो पर किया जाता है. इसके अलावा स्थानीय लोगो द्वारा व्यापक पैमाने पर खदाने लगाई गई है. जिसकी न तो कोई लीज है और न ही खनिज विभाग को कोई शुल्क दिया जाता है. अवैध तरीके से पत्थर का उत्खनन कर बेचा जाता है. यहां से निकलने वाला पत्थर क्षेत्र में लगी स्टोन के्रेसरो में पहुंचता है. सुबह से लेकर रात तक पत्थर की तोड़ाई और टैक्ट्ररो से परिवहन का नजारा देखा जा सकता है. प्रतिदिन सैकड़ो ट्रेक्टर पत्थर का अवैध परिवहन होता है. जो आसपास क्रेसर लगे है यहां अवैध रूप से परिवहन होकर आने वाले पत्थरो से ही गिट्टी बनाई जा रही है यह अवैध कारोबार वर्षो से क्षेत्र में फलफूल रहा है. शासन को भले ही करोड़ो रूपये की क्षति इस अवैध उत्खनन से हो रही हो लेकिन जिला प्रशासन खनिज माफियाओं के आगे मौन है.