शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

Patriotic voices resonated in Shivaji Basti, and a large crowd gathered for the procession. भोपाल। विजयादशमी के शुभ अवसर पर शिवाजी बस्ती देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित पथ संचलन का। रविवार को महावीर नगर स्थित हनुमान मंदिर बाल उद्यान से निकले इस संचलन में 177 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रभक्ति गीत, जयघोष और पुष्पवर्षा से सजी पथ संचलन की राह संचलन मार्ग पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘हर-हर बम बम’ जैसे जयघोषों से वातावरण गूंज उठा। अर्जुन नगर, सरस्वती शिशु मंदिर, दुर्गा नगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, 106 की लाइन व पांच नंबर मार्केट से होते हुए यह यात्रा पुनः बाल उद्यान पर संपन्न हुई। नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। छतों से लहराते तिरंगे, बच्चों की तालियां और जयकारों ने समूचे क्षेत्र को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। शस्त्र पूजन व संघ प्रार्थना से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन से हुई। इसके पश्चात संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का सामूहिक गान हुआ। विशेष रूप से प्रस्तुत एकल गीत “पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है…” ने उपस्थित जनसमूह में ओज व प्रेरणा का संचार किया। संघ संस्थापक के अमृत वचन से मिली प्रेरणा डॉ. राजकुमार मालवीय ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के प्रेरणास्पद अमृत वचनों का वाचन किया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आक्रमण नहीं, संगठन और संस्कृति की रक्षा है। जब तक हम अपनी संस्कृति को जीवित नहीं रखेंगे, समाज नहीं टिकेगा।” शिवाजी शाखा की अनुशासित प्रस्तुति संचालन का दायित्व शिवाजी शाखा के मुख्य शिक्षक जितेन्द्र तिवारी ने निभाया। अतिथियों का परिचय देवराज त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम में अनुशासन, एकता और सेवा भावना की अनुपम झलक देखने को मिली। शताब्दी वर्ष—एक संकल्प यात्रा मुख्य वक्ता धर्मेन्द्र सोनकिया (जिला प्रचारक, तात्याटोपे जिला) ने कहा, “संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, आत्मपरिवर्तन से समाज परिवर्तन का संकल्प है। पथ संचलन केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह साल भर की सेवा और साधना का उत्सव है।” मंच पर आयरनमैन की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मध्यप्रदेश के पहले आयरनमैन प्रवीण सपकाल। उन्होंने वर्ष 2017 में थाईलैंड के फुकेट में ‘आयरनमैन’ की उपाधि प्राप्त की थी। वे एक सुपर एथलीट और ‘बाइसिकल मेयर भोपाल’ जैसे अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर कार्यवाह अधिवक्ता मथुरा प्रसाद राजपूत ने की। इस मौके पर प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मातृशक्ति की सहभागिता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रास्ते भर जनसमर्थन ने दिया जनउत्सव का रूप नगरवासियों ने अर्जुन नगर, दुर्गानगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, सरिता चौराहा, 106 की लाइन, नगर निगम वाचनालय जैसे प्रमुख स्थानों पर तिरंगों, तालियों और पुष्पवर्षा से स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं, जनभागीदारी से बने जनउत्सव का रूप ले चुका था। देशभक्ति की अलख से जागृत हुआ क्षेत्र छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े, सभी में एक विशेष ऊर्जा और उमंग देखने को मिली। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने नगरवासियों के हृदय को छू लिया। MP SAMWADmpsamwad.in

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? MP SAMWADmpsamwad.in

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

Bharatiya Buddhist Sangha will distribute one lakh free copies of the Constitution. भोपाल। भारतीय संविधान और नागरिकों के अधिकारों के बीच जन जागृति अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए संविधान की एक लाख प्रतियां नि:शुल्क वितरण करेगा। इसको लेकर भारतीय बौद्ध संघ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष इंजी. राकेश बमोरिया ने बताया कि संविधान तथा अपने अधिकारों के प्रति समस्त नागरिकों को जागृत कर आपसी प्रेम और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया जाना ही हमारा मूल उद्देश्य है। भगवान बुद्ध तथा संविधान रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आलोक संजर, विशेष अतिथि रीवा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद बुद्ध सेन पटेल, विशिष्ट अतिथि अपाक्स संगठन के अध्यक्ष एपी पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल किशोर आर्य, संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामचंद्र मारव्या तथा भोपाल जिला अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन आदि ने बिंदूबार चर्चा कर वितरण आयोजन को सफल बनाने रणनीति बनाई। कार्यक्रम में बृज किशोर दोंदेरिया, राजेश माहौर, रामलाल माहौर, राम प्रकाश माहोर, संघमित्रा ताई, प्रकाश डोंगरदिवे, डॉक्टर पवार, सुरेंद्र माहौर, पुष्पराज माहौर, प्रेम कुमार बंसल, रतनलाल बाथम, रनवीर गोयल, दिनेश जाटव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा गायक राजू भारती ने महापुरुषों के जीवन पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर सरोज सत्य विजय चन्दन, अभिजीत चन्दन, अभिषेक चन्दन सहित छात्र एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। MP SAMWADmpsamwad.in

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे स्वास्थ्य मंत्री: जीतू पटवारी

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि हर हाल में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा से लेकर ड्रग कंट्रोलर, पी एस और स्वास्थ सचिव को निलंबित करने की कार्यवाही करे, तब लगेगा की प्रदेश की मोहन सरकार बच्चों की मौत के मामले में गंभीर है। मृतक बच्चों के परिजनों से श्री पटवारी ने वन टू वन बात करते हुए कहा सरकार अगर मृतक बच्चों के परिजनों के आसू पोछना चाहती है तो तत्काल परिजनों को एक एक करोड़ का मुहावजा देते हुए नागपूर में इलाजरत बीमार बच्चों की ईलाज की समुचित व्यवस्था कराए। जिले में अब तक किडनी फेल होने से मौत का आंकड़ा 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। Death on the roads मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक Death on the roadsयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट Death on the roadsखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी Death on the roadsराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था। MP SAMWADmpsamwad.in

कितना बदलेगा भोपाल निगम, जल्द सच आ जाएगा सामने

How much will change in Bhopal Corporation, the truth will come out soon भोपाल। भोपाल नगर निगम में नई अधिकारी की जल्द आमद होने वाली है। जो आईएएस अधिकारी संस्कृति जैन भोपाल आने वाली हैं, अभी तक सिवनी जिले की कलेक्टर थीं। उनकी विदाई के दौरान उन्हें वहां की जनता ने खूब सम्मान दिया है, जिसकी चर्चा प्रदेशभर में हो रही है। वैसे भोपाल नगर निगम महिला अधिकारियों के लिए मुफीद नहीं बन सका है। बात करें महपौर आलोक शर्मा के कार्यकाल की, तो आईएएस छवि भारद्वाज आयुक्त थीं। आलोक पूर्व सीएम शिवराज के नजदीकीर रहे थे। उन्होंने छवि को प्रेसर पॉलिटिक्स के चलते काम नहीं करने दिया। वे सोमवार को भानपुर खंती का दौरा करने वाली थीं। यह खबर जैसे ही आलोक को लगी, तो उन्होंने उसके पहले ही रविवार रात को उनका तबादला करवा दिया। इसके बाद प्रियंका दास आईं। उन्होंने निगम की माली हालात को सुधारने के लिए खूब मेहनत की। डीजल चोरी रोकना उनके लिए भारी पड़ गया। इनसे आलोक की पटरी नहीं खाई। आनन-फानन में अलोक ने उनको भी विदा कर दिया।  आमने-सामने होंगी दोनों महिला  नेता और अफसर अब महिला महापौर मालती राय हैं। जो राजधानी के एक मंत्री की खास हैं। हरेंद्र नारायण निगम के लचर ढर्रे को सुधारने में लगे रहे। वे ज्यादा सिफारिश पसंद नहीं करते थे। इसी दौरान उपयुक्त निधि सिंह की निगम में आमद हुई। उनका सख्त रवैया महापौर समेत उनके समर्थक पार्षदों को पसंद नहीं आया। उनका महापौर लॉबी ने विरोध करते हुए निंदा प्रस्ताव पास कर दिया और सख्त अंदाज वाली महिला अधिकारी को भागने मजबूर कर दिया था। इस लिहाज से देखें तो भोपाल निगम महिला अधिकारी के लिए ग्रहणकारी रहा है। हरेंद्र नारायण से भी उनकी सही बैठक नहीं चल पाई। हालांकि उन्हें सरकार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर बना दिया है। अब सिवनी कलेक्टर आईएएस संस्कृति जैन पदभार सभालने वाली हैं। इस बार ऐसा होगा कि महापौर और आयुक्त दोनों ही महिला आमने-सामने राजधानी की नगर सरकार चलाएंगी। इससे सवाल उठता है कि क्या नगर की सूरत बदलेगी या फिर धक्कापलेट गाड़ी ही चल पायेगी, लेकिन यह कितने दूर चलेगी कह पाना मुश्किल है।वैसे राजधानी भोपाल में  प्रशासनिक कार्यों के दबाव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भारी रहता है।  निगम को घुन की तरह लगा है भ्रष्टाचार  भोपाल नगर निगम में भ्रष्टाचार की बेल बहुत बड़ी है। क्योंकि इसी की दम पर ही निगम चल रहा है। नगर निगम के कारनामो से अखबार के पन्ने डेली भरे रहते हैं। इस पर लगाम लगाना किसी के बस की बात नहीं है। वे इसको रोकने में कितनी कामयाब होंगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। भोपाल की जनता उनकी ईमानदारी की छवि देखने के लिए तैयार है। देखना यह है कि निगम में पूर्व में जिस तरह महिला अफसरों के साथ हुआ है, उसको रोकने में वे कितनी सफल होंगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा।  माना जा रहा है नई कमिश्नर जिनकी छवि एक ईमानदार अधिकारी की बनी हुई है। वे सिवनी से ट्रांसफर होकर भोपाल आ रही है। सिवनी से उन्हें गाजे- बाजे के साथ विदाई मिल गई है. संभवतः वे सोमवार को पद ग्रहण कर लेंगी। MP SAMWADmpsamwad.in

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

किसानों के लिये जरूरी है, कमलनाथ का कर्ज माफी मॉडल

Kamal Nath for farmers loan waiver model is essential for farmers. भोपाल। Kamal Nath for farmers loan मध्य प्रदेश आज भी एक कृषि प्रधान राज्य है, वहां करीब 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद प्रदेश में किसानों को चुनौतियां बढ़ती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सत्ताधारी पाजपा ने किसानों से जो भी यादे किये वे निभाए नहीं। न तो वादे के मुताबिक 2022 में किसानों की आमदनी पुगनी हुई उऔर न ही 2023 के विधानसभा चुनाव में गेहूं और धान का यह न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया, जिसका वादा भाजपा ने किया चा। सवकि इस दौरान कृषि लागत लगातार बढ़ती गई है। ऐसे में जरूरी है कि पलटकर देखा जाए कि प्रदेश के किसानों के हित के लिए अत्तील में कौन से बढ़िया काम हुए थे और क्या उन्हें दुहराया जा सकता है। Kamal Nath for farmers loan पाठकों को याद होगा कि दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी के आदेश पर दस्तखत किये थे। कर्ज में फंसे किसानों का पूरा अध्ययन करने के बाद कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों का कर्म माफ कर दिया था। प्रदेश के इतिहास में यह सबसे बाते कर्न माफी योजना थी। कमलनाथ सरकार ने दो चरणों में करीब 27 लाख डिसानों का कर्ज माफ किया था, जो प्रदेश के लिये अपने आप में एक रिकॉर्ड है इस योजना के पहले चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों का कर्ज माफ किया था और दूसरे चरण में 6 लाख 72 हमार 245 किसानों का कर्ज माफ किया गया। इस तरह करीब 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया। कमलनाथ अगले चरण में और भी किसानों का कर्ज माफ करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस बीए उनकी सरकार गिरा की गई। Kamal Nath for farmers loan इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि कमलनाथ ने किसानों का कर्ज तो साफ किया लेकिन राजकोष पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। कर्जमाफी के पाले चरण में 7108.96 करोड़ रूपये और दूम चरण में 4538,03 करोड़ रूपये यानी कुरा मिलाकर 11,646.96 करोड़ रूपये के किसान कर्ज माफ किये गए। देवास, खरगोन, मंदसौर, सीहोर और विदिशा जिलों में तो एक-एक लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया गया। छिंदवाड़ा में करीब 75 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया। मध्य प्रदेश जैसे राज्य के लिये यह काफी बड़ी संख्या है और खासकर कमलनाथ सरकार की जिस तरह का खाली खजाना मिला था, उसमें तो यह और बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस चुनौती से निपटने में कमलनाथ का अनुभव काम आया था। छिंदवाड़ा से 40 साल तक सांसद रहने के कारण ये किसानों की जरूरतों को बखूयी जानते थे, तो दूसरी तरफ देश के वाणिज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव बैंकों पर नकेल कसने में काम आया। कमलनाथ ने बैंकों से कहा कि वे उसी तरह किसानों का कर्ज माफ करें जिस तरह के कोपटि का कि संपूर्ण बकाया राशि की जगह बैंक एका कर्ज माफ करते हैं। इसका मतलब यह या ऐसी राशि पर समझौता करें तो बैंक और राज्य सरकार दोनों को मंजूर हो। कमालनाय बारीक ज्ञान के सामने बैंकों की दलीलें नहीं के बैंकिंग, मौद्रिक नीति और अर्थशास्त्र के टिकी और 11,646.96 करोड़ का कर्ज किसानों के सिर से उतर गया। अब जरा आज की तस्वीर पर गौर करें। Kamal Nath for farmers loan आज स्थिति यह कि किसान पिछले एक महीने में यूरिया में मिल पाने के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे है। नकली खाद और बीज किसानों के लिये दूसरा बड़ा संकट हैं। तीसरी समस्या यह आ गई है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार और किसानों ने मिलकर खरीब 2024 में करीब 1792 करोड़ रूपये फसल बीमा का प्रीमियम दिया। उसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने माना कि सोयाबीन की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। लेकिन बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्व का बहाना बनाकर इसे खारिज कर दिया और किसानों को बीमा क्लेम के नाम पर 100-200 रुपये पकड़ा दिये। Kamal Nath for farmers loan 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से किसानों के साथ लगातार यही हो रहा है। ऐसे में जरूरत इस बात की है किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये मौजूदा सरकार सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी करे और इसके लिगे कमलनाथ मॉडल को अपनाए। इसी तरह बीमा कंपनियों पर भी कमलनाथ के अनुभव का लाभ लेते हुए लगाम कसे। सरकार को यह समझना होगा कि जम किसान का कर्ज माफ किया जाएगा तो किसान के पास कुछ पैसा बचेगा। इसी पैसे को किसान बाजार में खर्च करेगा और इससे आर्थिक गतिविधि का पहिया घूमेगा। आर्थिक गतिविधि के लिये पूंजी का गतिमान होना बहुत जरूरी है। अगर एक 10 का नोट एक व्यक्तिकी जेब में है तो वह सिर्फ 10 रूपये है। लेकिन अगर किसान ने 10 रूपये ऑटो वाले को दिये, ऑटो बाले ने परचून वाले को दिये, परचून वाले बच्चे की स्कूल फीस में दिवे, स्कूल वालों ने ऐसे स्टेशनरी चाले को दिये और स्टेशनरी वाले किसान से गेहूं खरीदा तो पांच हाथों से गुजरकर यह 10 रूपये 50 रूपये की आर्थिक गतिविधि कर देते हैं। इसी को वेलोसिटी ऑफ रूपो कहते हैं। Read more: करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य इसलिये बेहतर होगा कि मध्य प्रदेश सरकार हर महीने 5000 करोड़ रूपये का कर्ज लेने के बजाय किसानों का कर्ज माफ करे और किसानों की जेब में पैसा पहुंचाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज करे। मुझे लगता है कि सरकार अगर इस संबंध में कमलनाथ से कोई सलाह मांगेगी तो वे प्रदेश हित में जरूर सलाह देंगे। MP SAMWADmpsamwad.in

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

करोड़ो सम्पत्ति के मालिक हैं शिवराज सिंह के चाहते सीहोर विधायक सुदेश राय का साम्राज्य

Shivraj Singh Chouhan’s favourite Sehore MLA Sudesh Rai owns property worth crores भोपाल। Sehore MLA Sudesh Rai साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 230 विधायकों में 205 करोड़पति हैं। विधायकों की संपत्ति साल दर साल बड़ी है। मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायकों की सीरीज में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर के विधायकों की सम्पत्ति कई गुना बड़ी है। Sehore MLA Sudesh Rai 74.71 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जो सीहोर सीट से 3 बार चुनाव जीत चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में सुदेश राय ने अपनी संपत्ति 74 करोड़ 71 लाख 38 हजार 89 रुपये बताई थी, जबकि उनकी देनदारी 2 करोड़ 75 लाख 7 हजार 785 रुपये थी। राय की संपत्ति 5 साल में 7.20 करोड़ रुपये बढ़ गई है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 67 करोड़ 51 लाख 29 हजार 525 रुपये बताई थी। चुनावी हलफनामे के अनुसार, सुदेश राय के नाम पर 24.17 करोड़ रुपये की 59.125 एकड़ खेतीहर जमीन है, जबकि उनकी पत्नी के नाम भी 4.04 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है। इसके अलावा उनके पास 21.33 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 96.42 लाख की नॉन-एग्रीकल्चर जमीन है। Read more: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट ,सरकार ने अपनी छवि चमकाने पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर पानी की तरह बहाया पैसा सुदेश राय के नाम पर सीहोर में 1.09 करोड़ रुपये का एक घर है, जो 3472 स्क्वायर फीट में बना है। उनके पास सीहोर में इंदौर-भोपाल रोड पर एक कमर्शियल बिल्डिंग भी है, जिसकी कीमत उन्होंने एफिडेविट में 10.51 करोड़ रुपये बताई थी। सुदेश राय को महंगी कार का भी शौक है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने 2 कारों का जिक्र किया था। इसमें 21.74 लाख रुपये की कीमत की फोर्ड एंडेवर और 1.29 करोड़ रुपये की मर्सडीज शामिल है। सुदेश राय के पास 200 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 2023 में उन्होंने 11 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 27.5 लाख रुपये बताई थी। उनकी पत्नी के पास 2 किलो 70 ग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत साल 2023 में 1.5 लाख रुपये थी। Sehore MLA Sudesh Rai ने 2013 में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2018 और 2023 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे।गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी। MP SAMWADmpsamwad.in