छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? MP SAMWADmpsamwad.in

कफ सिरप मौत कांड : मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवारों को नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दी 50 हजार की सहायता

Cough syrup death case: Leader of Opposition Singhar gives Rs 50,000 each to the families of the deceased children. भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और कफ सिरप से मृत हुए बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की और दुख की घड़ी में उनका ढाँडस बंधाया। सिंघार ने मृत बच्चे के प्रत्येक परिवार को ₹50,000 की सहायता देने की बात कही।  उन्होंने इस लापरवाही के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते तो इन शोक में डूबे परिवारों की आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन यह गरीब परिवार हैं इसलिए वे इनकी मदद नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अमीरों की है और उन्हीं की मदद करती है। विदेशों में दौरे करने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहाती है, लेकिन इनकी मदद करना उचित नहीं समझती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने दौरे की जानकारी अपने सोशल अकाउंट x पर दी।  उमंग ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप पीने से मासूम बच्चों की हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि, कई परिवार इलाज के दौरान लाखों के कर्ज़ में डूब गए हैं। मैंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए हर मृत बच्चे के परिवार को ₹50,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं है।  मुख्यमंत्री डॉ यादव आप अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मृत बच्चों के शोकग्रस्त परिजनों को भी सम्मानजनक आर्थिक सहायता दें, तभी सच्ची सहानुभूति मानी जाएगी, अन्यथा यह सिर्फ दिखावा है। सिंघार ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया दवाओं की सप्लाई ने इन मासूमों की जान ली। परासिया में फैली यह त्रासदी न केवल सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था में इतने बड़े पैमाने पर चूक कैसे हुई। प्रदेश में अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, जबकि पीड़ित परिवार अब भी न्याय और राहत की आस में हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: महिला एवं बाल विकास अधिकारी ₹20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: महिला एवं बाल विकास अधिकारी ₹20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Lokayukta takes major action: Women and Child Development Officer arrested for taking bribe of ₹20,000 छिंदवाड़ा। महिला एवं बाल विकास विभाग में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में विभागीय अधिकारियों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धमकाकर रिश्वत लेने का आरोप लगा था, जिसकी जांच अभी जारी है। इसी बीच जुन्नारदेव से एक नया मामला सामने आया है। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सीमा पटले को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह राशि विभागीय कार्यों में अनियमितताओं को दबाने और फाइलें आगे बढ़ाने के एवज में मांगी गई थी। इस कार्रवाई में परियोजना अधिकारी के साथ तीन आंगनबाड़ी सहायिकाएं भी पकड़ी गई हैं। लोकायुक्त टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि विभाग में लगातार सामने आ रहे रिश्वतखोरी के मामलों ने पारदर्शिता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। MP SAMWADmpsamwad.in

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे स्वास्थ्य मंत्री: जीतू पटवारी

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि हर हाल में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा से लेकर ड्रग कंट्रोलर, पी एस और स्वास्थ सचिव को निलंबित करने की कार्यवाही करे, तब लगेगा की प्रदेश की मोहन सरकार बच्चों की मौत के मामले में गंभीर है। मृतक बच्चों के परिजनों से श्री पटवारी ने वन टू वन बात करते हुए कहा सरकार अगर मृतक बच्चों के परिजनों के आसू पोछना चाहती है तो तत्काल परिजनों को एक एक करोड़ का मुहावजा देते हुए नागपूर में इलाजरत बीमार बच्चों की ईलाज की समुचित व्यवस्था कराए। जिले में अब तक किडनी फेल होने से मौत का आंकड़ा 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं। MP SAMWADmpsamwad.in